हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बराड़ा व मुलाना की अनाज मंडियों का दौरा कर सरसों एवं गेहूं की खरीद व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, फसल सत्यापन प्रक्रिया, बिजली-पानी, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा बायोमैट्रिक प्रणाली सहित सभी प्रबंधों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंडियों में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल सत्यापन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंडियों में बिजली, पानी, सफाई, तौल, उठान और भुगतान से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है और सरकार द्वारा 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है। वहीं, सरसों की खरीद 6200 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की जा रही है।
मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंडी दौरे के दौरान मुलाना मंडी में स्थित भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला का भी दौरा किया गया। वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा प्रयोगशाला में किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों की प्रक्रिया को समझा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि और जल की गुणवत्ता जांच प्रणाली को और सुदृढ़ बनाया जाए।
इस दौरान मंडी से जुड़े अधिकारियों और आढ़तियों ने अपनी समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर उन्होंने तुरंत संबंधित उच्चाधिकारियों को आवश्यक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और गेहूं की आवक के अनुसार उठान कार्य में तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की हर संभव सहायता के लिए तत्पर है और किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से जुड़े हैं और किसानों की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं, इसलिए उनका उद्देश्य किसानों को हर संभव राहत प्रदान करना है।


