दलहन फसलें पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती की रीढ़, हरियाणा सरकार बढ़ा रही उत्पादन को रफ्तार: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

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चंडीगढ़, 7 फरवरी। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि दलहन फसलें देश की पोषण सुरक्षा की आधारशिला हैं और बदलते जलवायु परिदृश्य में ये किसानों के लिए एक जलवायु-सहिष्णु, किफायती और टिकाऊ कृषि विकल्प के रूप में उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि दलहन फसलें न केवल मृदा स्वास्थ्य सुधार और नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक हैं, बल्कि खेती की लागत घटाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इसी दृष्टिकोण के तहत हरियाणा सरकार राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

कृषि मंत्री मध्य प्रदेश के सिहोर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और प्रसार के बिना कृषि विकास संभव नहीं है और किसानों तक नई तकनीक व उन्नत बीजों की पहुंच सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

श्याम सिंह राणा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में हरियाणा में खरीफ दलहनों का रकबा लगभग 70 हजार एकड़ था, जो अब बढ़कर 1 लाख एकड़ तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार की योजनाबद्ध नीति और किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मूल्य संवर्धन, विपणन, भंडारण और मूल्य स्थिरता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके।

कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जहां 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय दलहन मिशन के तहत राज्यों की सक्रिय भागीदारी से ही बेहतर और स्थायी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। इसके लिए उत्पादकता बढ़ाने की स्पष्ट रणनीति, बीज और तकनीक तक आसान पहुंच, मजबूत मूल्य श्रृंखला और बाजार व्यवस्था, किसान कल्याण और जोखिम प्रबंधन जैसे पहलुओं पर समन्वित रूप से काम करना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि अनुसंधान, विस्तार और निजी क्षेत्र के बीच समन्वय तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचारों को खेत तक पहुंचाना समय की मांग है। श्याम सिंह राणा ने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय कार्यशाला केंद्र और राज्यों के बीच एक समन्वित रोडमैप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केंद्र सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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