प्रदेश सरकार एचआईवी की रोकथाम और पीड़ितों की देखभाल-सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव

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हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार एचआईवी की रोकथाम और पीड़ितों की देखभाल-सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार भारत सरकार के वर्ष 2030 तक एड्स के खतरे को खत्म करने के लक्ष्य को पाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा प्रदेश में डेटा प्रबंधन प्रणाली (SIMS) को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए।

हरियाणा स्टेट एड्स कण्ट्रोल सोसाइटी की उपनिदेशक डॉ. मीनाक्षी सोई ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देशों की अनुपालना में क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) के प्रमुख घटकों पर आधारित एक व्यापक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन 5 जनवरी से 10 जनवरी तक पंचकूला में किया जा रहा है।

यह कार्यशाला तीन चरणों में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य एचआईवी से जुड़े सेवा कार्यों में संलग्न फील्ड स्तर के कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता एवं कार्य निष्पादन क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन ही प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नींव होते हैं।

डॉ. मीनाक्षी ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) सेवाएं, ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र तथा उच्च जोखिम एवं संवेदनशील समूहों के लिए लक्षित हस्तक्षेप (टीआई) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही स्ट्रेंथनिंग ओवरऑल केयर फॉर एचआईवी (एसओसीएच) पोर्टल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो एकीकृत एचआईवी सेवा प्रदाय के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) से जुड़े आईटी विशेषज्ञ श्री रोशन चौहान एवं श्री अभिनाश कुमार गुप्ता इस प्रशिक्षण के लिए संसाधन व्यक्ति के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को डेटा रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग, केस प्रबंधन एवं एसओसीएच पोर्टल के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य भर के सभी एसटीआई काउंसलर एवं ओएसटी डेटा मैनेजर इस क्षमता निर्माण पहल में भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, लाइव डेमोंस्ट्रेशन, तकनीकी समस्याओं का समाधान तथा इंटरएक्टिव सत्र शामिल हैं, जिससे फील्ड स्तर की चुनौतियों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि इस पहल से निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और जरूरतमंद समुदायों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि यह प्रयास राज्य सरकार की एचआईवी रोकथाम एवं देखभाल सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वर्ष 2030 तक एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।

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