हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने जिला नूंह के खंड पिनगवां के गांव हिंगनपुर में एक करोड़ 37 लाख की लागत से बने राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव के मिडिल स्कूल को हाई स्कूल तक अपग्रेड करने की घोषणा भी की। साथ ही स्कूल तक आने वाले रास्ते के निर्माण तथा पास के गांव औथा में स्थित 12वीं तक के विद्यालय का नाम कारगिल युद्ध में शहीद नसरुद्दीन के नाम पर रखने की भी घोषणा की।
उद्घाटन के उपरांत ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं सुरक्षित शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय भवनों, कक्षाओं, शौचालयों, पेयजल, फर्नीचर एवं डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि शहरी और ग्रामीण शिक्षा में कोई अंतर न रहे।
उन्होंने कहा कि नया विद्यालय भवन विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे बच्चों की उपस्थिति, नामांकन तथा सीखने की क्षमता में निश्चित रूप से वृद्धि होगी। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर कक्षाओं की व्यवस्था, फर्नीचर, साफ-सफाई एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अनुशासन में रहने का आह्वान किया। साथ ही शिक्षकों से कहा कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का भी संचार करें।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्मार्ट कक्षाओं, आईटी आधारित शिक्षण, पुस्तकालयों एवं खेल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के सरकारी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श मॉडल बनें। इस भवन से क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत सबसे ऊर्जावान युवा शक्ति वाला देश है। यहां के युवाओं का हौसला भरपूर है—जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करके दम लेते हैं। बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रमों से सरकारी स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। अब सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं प्रारंभिक स्तर से ही नीट और जेईई की तैयारी कर रहे हैं, जिससे साइंस स्ट्रीम के प्रति रुचि बढ़ी है। यह प्रयास 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा मंत्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर पूर्व विधायक दीपक मंगला, जिला परिषद चेयरमैन जान मोहम्मद एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।


