चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समसामयिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
संशोधित व्यवस्था के तहत प्रारंभिक परीक्षा में अब कुल 400 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-1 सामान्य अध्ययन का होगा, जिसमें सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और तार्किक क्षमता से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही हरियाणा की अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और भाषा से जुड़े पहलू भी इस प्रश्नपत्र का हिस्सा होंगे।
प्रश्नपत्र-2 सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा का होगा, जिसमें अभ्यर्थियों की समझ, तार्किक विवेचना, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, कक्षा दसवीं स्तर की संख्यात्मक योग्यता और आंकड़ों की व्याख्या का आकलन किया जाएगा।
मुख्य लिखित परीक्षा में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब मुख्य परीक्षा में कुल छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे। प्रत्येक प्रश्नपत्र तीन घंटे का और 100 अंकों का होगा, जिससे कुल अंक 600 हो जाएंगे। इस संशोधन के तहत वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है और उसकी जगह चार सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं।
प्रश्नपत्र-1 अंग्रेजी एवं निबंध का होगा, जिसमें गद्यांश की समझ, प्रेसी लेखन, शब्दावली, व्याकरण, रचना और किसी एक विषय पर सुव्यवस्थित व संक्षिप्त निबंध लेखन का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रश्नपत्र-2 हिंदी एवं हिंदी निबंध का होगा, जो देवनागरी लिपि में आयोजित किया जाएगा। इसमें अनुवाद, पत्र लेखन, प्रेसी लेखन, गद्य-पद्य की व्याख्या, मुहावरे, शुद्धि और विषय आधारित निबंध शामिल होंगे।
सामान्य अध्ययन-1 में भारतीय कला, साहित्य और स्थापत्य का प्राचीन से आधुनिक काल तक का अध्ययन, 18वीं सदी से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण, विश्व इतिहास, भारतीय समाज की विविधता, सामाजिक मुद्दे, भौतिक और मानव भूगोल तथा हरियाणा से संबंधित विषयों को शामिल किया गया है।
सामान्य अध्ययन-2 में भारतीय संविधान का विकास, उसकी विशेषताएं और संशोधन, संघीय ढांचा, संसद और विधानमंडलों की कार्यप्रणाली, कार्यपालिका और न्यायपालिका, संवैधानिक और वैधानिक संस्थाएं, शासन प्रणाली, कल्याणकारी योजनाएं, ई-गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय संबंध और हरियाणा से जुड़े समकालीन मुद्दे शामिल होंगे।
सामान्य अध्ययन-3 में भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, औद्योगिक नीति, आधारभूत संरचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा और हरियाणा से संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछे जाएंगे।
सामान्य अध्ययन-4 नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि से संबंधित होगा। इसमें केस स्टडी के माध्यम से लोक जीवन में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी, उत्तरदायित्व, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक सेवा में आचरण, पारदर्शिता, सूचना का अधिकार और भ्रष्टाचार से जुड़ी चुनौतियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस नए पाठ्यक्रम से चयन प्रक्रिया अधिक व्यापक, निष्पक्ष और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अनुरूप बनेगी तथा प्रदेश को दक्ष, संवेदनशील और नैतिक प्रशासनिक अधिकारी मिल सकेंगे।

