आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना से प्रति सप्ताह सैकड़ों वाहनों की फिटनेस जांची जाएगी : अनिल विज

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हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी में ‘‘ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान’’ (आईडीटीआर) और ‘‘आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन’’ (एटीएस) स्थापित करने हेतु शाहपुर में 11 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री परिवहन विभाग के नाम हो गई है और बहुत ही जल्द एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी (अशोक लेलैंड) से एमओयू होना वाला है जोकि एक सप्ताह में होने की संभावना है।

श्री विज ने कहा कि गाड़ी चलाने वालों को अपने लाइसेंस बनाने के लिए दूर-दूर ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ता था क्योंकि लाइसेंस के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य है। इसलिए उन्होंने अम्बाला छावनी में ट्रेनिंग संस्थान खुलवाने का कार्य किया। इसके लिए शाहपुर में 11 एकड़ से अधिक जमीन चयनित की गई जिसकी रजिस्टरी हो चुकी है। उन्होंने कहा यहीं पर गाड़ियों की फिटनेस भी मशीनों से टेस्ट की जाएगी। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और आसपास के जिलों में फायदा होगा।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि भूमि की रजिस्टरी होने पर ‘‘ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन’’ को अब जल्द स्थापित किया जाएगा।

परिवहन मंत्री ने बताया कि ‘‘ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान और आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन’’ की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होगें। उन्होंने बताया कि इस संस्थान के माध्यम से आसपास के जिलों के हजारों प्रशिक्षित युवाओं को ओर अधिक हुनरमंद बनाने अर्थात अधिक कौशलयुक्त तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना से प्रति सप्ताह लगभग 300 वाहनों की फिटनेस की जांच की जाएगी।

परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि वे चाहते हैं कि हरियाणा में परिवहन सुविधाओं को और अधिक सुचारू व सुगम बनाया जाए और इसके लिए उनके द्वारा नित नए दिन तकनीकी रूप से आधुनिक तरीके से सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान के यह फायदे

गौरतलब है कि ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं रिसर्च संस्थान (आईडीटीआर) सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और आधुनिक ड्राइविंग कौशल सिखाने के लिए सरकार द्वारा स्थापित विशेष केंद्र हैं। इनकी मुख्य विशेषताएं वैज्ञानिक प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सिमुलेटर, ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक, और विभिन्न प्रकार के वाहनों (लाइट/हैवी) के लिए व्यापक पाठ्यक्रम हैं। ये संस्थान सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटनाओं को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

ऑटोमेटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन के यह फायदे

उल्लेखनीय है कि ऑटोमेटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन में गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग ऑटोमेटिक मशीनों से होती है। इन स्टेशन पर व्हीकल की फिटनेस टेस्टिंग कराने के बाद फिटनेस सर्टिफिकेट मिलता है, ये सर्टिफिकेट पूरे देश में वैलिड होता है। टेस्टिंग स्टेशन में गाड़ियों के टेस्ट के बाद सड़क दुर्घटना में कमी आती है क्योंकि अगर कोई गाड़ी टेस्टिंग के दौरान अनफिट हो तो उसे सड़क पर चलने के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता है। इन टेस्टिंग में गाड़ियों के सभी तकनीकी पहलुओं पर गौर किया जाता है।

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