रामपुर बुशहर: “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है”—इसी संदेश को केंद्र में रखते हुए रामपुर एचपीएस ने 1 अक्तूबर 2026 को “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” सामूहिक श्रमदान का आयोजन किया। सुबह 8 बजे रामपुर एचपीएस द्वारा चिन्हित सीटीयू स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में रामपुर एचपीएस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा दत्तनगर कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटी, दत्तनगर के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी की।
स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान-2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व रामपुर एचपीएस के परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने किया। विद्युत मंत्रालय एवं निगमित कार्यालय के निर्देशानुसार रामपुर एचपीएस में 17 सितंबर से 2 अक्तूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है।
सामूहिक श्रमदान का उद्देश्य सार्वजनिक और सामुदायिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना रहा। रामपुर एचपीएस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्थानीय समुदाय के सदस्यों की भागीदारी ने इस पहल को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।

कार्यक्रम के दौरान सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियां की गईं और लोगों को अपने आसपास के वातावरण को साफ, स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
इस पहल के पीछे व्यापक उद्देश्य लोगों को स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” की अवधारणा इसी विचार पर आधारित है कि यदि लोग सीमित समय के लिए भी सामूहिक रूप से स्वच्छता के लिए आगे आएं, तो उसका प्रभाव केवल उस स्थान की सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना को भी मजबूत करता है।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने कहा कि “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” श्रमदान सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर स्वच्छता के प्रति सजग और जिम्मेदार बने।
ई. विकास मारवाह ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय से आग्रह किया कि स्वच्छता को केवल स्वच्छता ही सेवा अभियान की अवधि तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि इसे दैनिक जीवन की नियमित आदत और सामूहिक दायित्व के रूप में अपनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास जब सामूहिक रूप से किए जाते हैं तो उनका प्रभाव व्यापक होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता के इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
परियोजना प्रमुख ने श्रमदान में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए दत्तनगर कॉलोनी वेलफेयर सोसाइटी, दत्तनगर के सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प को आगे भी बनाए रखने का आह्वान किया।
रामपुर एचपीएस का यह आयोजन स्वच्छता ही सेवा अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण गतिविधि रहा। कार्यक्रम ने साफ-सफाई के साथ-साथ इस विचार को भी सामने रखा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण की जिम्मेदारी केवल संस्थानों की नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
