अमरगढ़ और अहमदगढ़ को मिला विकास का तोहफा: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनता को समर्पित किए आधुनिक तहसील कॉम्प्लेक्स

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को मलेरकोटला ज़िले के दो उपमंडलों—अमरगढ़ और अहमदगढ़—में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित करते हुए ज़िले के लोगों को 13 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन दोनों कॉम्प्लेक्स का निर्माण आधुनिक प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों तक सहज, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार के गंभीर प्रयासों का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए समर्पित है और जनधन को जनसेवा में लगाने का वादा सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर भी दिख रहा है। उन्होंने बताया कि अमरगढ़ में बने नए तहसील कॉम्प्लेक्स पर 6 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत आई है, जबकि अहमदगढ़ के भवन के निर्माण में 6 करोड़ 86 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। यह दोनों परियोजनाएं उच्च गुणवत्ता, अत्याधुनिक सुविधाओं और भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

अमरगढ़ का तहसील कॉम्प्लेक्स लगभग 27,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) का कार्यालय, एक आधुनिक कोर्ट रूम, बड़ा हॉल, 26 अलग-अलग विभागीय केबिन और अन्य प्रशासनिक इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। वहीं, अहमदगढ़ में निर्मित कॉम्प्लेक्स तीन मंज़िलों में फैला हुआ है और यह लगभग 2.39 एकड़ क्षेत्र में निर्मित है। इसमें एसडीएम कोर्ट रूम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालय, पटवारखाना, रजिस्ट्रेशन काउंटर, स्टाफ रूम और अन्य आवश्यक विभाग शामिल किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों भवनों में दिव्यांगजनों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए भवनों में रैम्प और लिफ्ट जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं ताकि हर वर्ग के व्यक्ति को बिना किसी कठिनाई के अपने प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता एक समावेशी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन है, जिसमें हर व्यक्ति की पहुंच और सुविधा को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाएं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगे कहा कि इन नए कार्यालयों का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है ताकि हजारों नागरिक, जो प्रतिदिन अपने राजस्व या अन्य कार्यों के लिए तहसील परिसर में आते हैं, उन्हें सुव्यवस्थित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सुसज्जित वातावरण में अपनी समस्याओं का समाधान मिल सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि राज्य सरकार के प्रशासनिक दृष्टिकोण में आए बदलाव का संकेत है, जिसमें जनहित सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक शासन करने वाली राजनीतिक ताकतों ने जनता की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया और प्रशासनिक ढांचे को उसी पुरानी सोच के तहत चलाया, जिसमें आम नागरिक की सुविधा का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने कहा कि आज की आम आदमी पार्टी की सरकार विकास के हर पहलू को आम जनता की आवश्यकताओं और अधिकारों के साथ जोड़कर देख रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब “ईज़ी रजिस्ट्री” और “ईज़ी जमाबंदी” जैसी राजस्व सुधार योजनाओं को भी ज़मीनी स्तर पर लागू कर रही है ताकि नागरिकों को अपने ज़मीन, दस्तावेज़ और संपत्ति संबंधी मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाएं प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने प्रशासन को जटिल से सरल बनाने की दिशा में कई पहल की हैं और इन नई इमारतों में उन्हीं सेवाओं को एक ही छत के नीचे देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि इन भवनों का निर्माण सिर्फ वर्तमान की जरूरतों को देखते हुए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की बढ़ती जनसंख्या और प्रशासनिक भार को भी ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये केंद्र प्रशासनिक दक्षता के नए मानदंड स्थापित करेंगे और नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बारे में पारंपरिक नकारात्मक धारणा से बाहर निकालने में मदद करेंगे।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों का आभार जताया, जिन्होंने खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में समारोह में भाग लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार आने वाले समय में इसी तरह की विकास परियोजनाओं को पूरे राज्य में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और आम नागरिक को केंद्र में रखकर नीति-निर्धारण किया जा रहा है।

इस समारोह में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुनदियां और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने इन विकास कार्यों की सराहना की और राज्य सरकार के विज़न को जनता के सामने रखा।

यह एक वेब-जनरेटेड समाचार रिपोर्ट है।

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