श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहादत दिवस के पावन अवसर पर भारत की चादर कहे जाने वाले नौवें गुरु की स्मृति में निकाली जा रही चौथी पवित्र नगर कीर्तन यात्रा कल सायंकाल यादव नगर के जंता पब्लिक स्कूल, सरस्वती नगर से बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ रवाना हुई। इस यात्रा को कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, यात्रा संयोजक गुरबाज सिंह सिकंद्रा, बीबी जसवीर कौर और चेयरमैन रूपेंद्र मल्ही ने ‘बोले सो निहाल… सत श्री अकाल’ के जयघोष के साथ हरी झंडी दिखाकर झीर हेडी गांव के लिए रात्रि विश्राम हेतु रवाना किया।
नगर कीर्तन यात्रा जोदियो गुरुद्वारा साहिब में रात्रि विश्राम के बाद आज गांव ऊँचा चांदना, रापोली, सतगोली, तोपरा कला, हर्नौल, रेतगढ़, हाफ़िज़पुर, कुञ्जल कम्बोयन, बड़ी, खजूरी, बक़ाना होते हुए रादौर पहुंची। रादौरी चौक पर वरिष्ठ नेताओं ने पुष्पवर्षा कर और पगड़ी पहनाकर यात्रा का हार्दिक स्वागत किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित चार पवित्र नगर कीर्तन यात्राएँ पूरे हरियाणा में निकाली जा रही हैं। ये यात्राएँ प्रदेश के सभी जिलों से होकर गुजरेंगी और 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में समापन होगा, जहां एक सर्वधर्म सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगले दिन 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में विशाल समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता, धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया, वह पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत है। इस प्रेरक इतिहास को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाना आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इससे सीख ले सकें। उन्होंने कहा कि गुरुओं की तपस्या, त्याग और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री श्री नैयब सिंह सैनी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा राज्यभर में 350वीं शहादत वर्षगांठ को भव्य रूप से मनाया जा रहा है।


