हिमाचल में दर्दनाक सड़क हादसा, सिरमौर में निजी बस गहरी खाई में गिरी, कई लोगों की मौत, दर्जनों घायल

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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार इलाके में एक निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 60 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में कई यात्रियों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह निजी बस “जीत कोच” शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी। बस में लगभग 45 यात्री सवार थे और बताया जा रहा है कि वाहन खचाखच भरा हुआ था। हरिपुरधार बाजार से कुछ दूरी पहले अचानक बस सड़क से फिसल गई और गहरी खाई में लुढ़कती चली गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयावह था।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को खाई से बाहर निकाला और उन्हें सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद घायलों को हरिपुरधार के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया है।

हादसे की पुष्टि करते हुए डिप्टी मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी भी सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना हुए और राहत कार्यों की निगरानी शुरू की। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

रेणुकाजी से विधायक विनय कुमार ने भी हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी संवेदनशील है और यहां सड़कें संकरी व घुमावदार हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा चालक की लापरवाही, तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति के कारण हुआ, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने हरिपुरधार अस्पताल की सुविधाओं को लेकर नाराजगी भी जताई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल को पहले ऊपरी अस्पताल का दर्जा दिया गया था, लेकिन बाद में इसे डिनोटिफाई कर दिया गया, जिसके कारण गंभीर रूप से घायलों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई। हादसे जैसी आपात स्थितियों में क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है।

घटना ने राज्य में पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे सड़क हादसे यह दर्शाते हैं कि सार्वजनिक और निजी परिवहन की निगरानी, वाहनों की फिटनेस जांच और सड़कों की हालत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खासकर दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हादसे को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पहाड़ी राज्यों में सुरक्षित यात्रा के लिए ठोस और दीर्घकालिक उपाय कितने जरूरी हैं।

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