शिमला — एसजेवीएन लिमिटेड के रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने सामूहिक प्रयास और मजबूत प्रबंधन प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक वित्तीय वर्ष में 2000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का सबसे तेज रिकॉर्ड दर्ज किया है। 412 मेगावाट क्षमता वाले इस स्टेशन ने यह उपलब्धि 5 फरवरी 2026 को हासिल की, जो कि वर्ष 2020 में बने रिकॉर्ड से नौ दिन पहले है।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि रामपुर जलविद्युत स्टेशन की पूरी टीम की कड़ी मेहनत, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का परिणाम है। उन्होंने कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह स्टेशन के ग्यारह वर्षों के सफल प्रचालन का सर्वोत्तम उदाहरण है।
श्री गुप्ता ने इस अवसर पर भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार, विद्युत मंत्रालय, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण और शिमला तथा कुल्लू जिला प्रशासन के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने परियोजना प्रमुख श्री विकास मारवाह के नेतृत्व में टीम की संगठित कार्यशैली को इस सफलता का मुख्य आधार बताया।
निदेशक (कार्मिक) श्री अजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह कीर्तिमान प्रभावी मानव संसाधन प्रथाओं, कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और विभागों के बीच मजबूत समन्वय का परिणाम है। वहीं निदेशक (वित्त) श्री सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन और प्रचालनगत उत्कृष्टता के बीच संतुलन को दर्शाती है।
रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने कमीशनिंग के बाद से ही उत्पादन क्षमता और विश्वसनीयता के नए मानक स्थापित किए हैं। यह उपलब्धि न केवल एसजेवीएन की प्रचालन दक्षता को रेखांकित करती है, बल्कि देश के लिए सतत और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति के उसके संकल्प को भी मजबूत करती है।

