हिमाचल में ‘मित्र मंडल’ से चल रही सरकार, मंत्रिमंडल की भूमिका खत्म: जयराम ठाकुर का कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला

Date:

Share post:

शिमला – हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली जब प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में शासन व्यवस्था मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि “मित्र मंडल” से संचालित हो रही है। शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली सरकार इस समय भारी अस्थिरता और भय के माहौल में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार के भीतर जिस प्रकार की उथल-पुथल और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वह स्पष्ट रूप से बताती है कि पार्टी के अंदर विश्वास का संकट गहरा चुका है और खुद कांग्रेस के नेता भी भविष्य की स्थिति को लेकर आशंकित हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि Bharatiya Janata Party ने एक सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे कांग्रेस को स्वाभाविक रूप से सीट जीतने का अवसर मिला। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के भीतर जिस तरह का संघर्ष और भ्रम देखने को मिला, वह राजनीतिक दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा टिकट को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली जाकर अपनी दावेदारी रख रहे थे और कई नेताओं को मुख्यमंत्री की ओर से लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अंततः जब टिकट किसी और को दिया गया तो इससे पार्टी के भीतर असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ नेताओं ने तो राज्यसभा नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली थीं क्योंकि उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि टिकट उन्हें ही मिलेगा, लेकिन अंतिम समय में परिस्थिति बदल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Anand Sharma द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर सम्मान और संवाद की संस्कृति कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता ने भी यह कहा कि उन्होंने जीवनभर आत्मसम्मान के साथ राजनीति की है और सच बोलने की कीमत चुका रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज प्रदेश में फैसले मंत्रिमंडल की बैठकों में नहीं बल्कि एक सीमित “मित्र मंडल” के बीच लिए जा रहे हैं। उनके अनुसार इसी समूह में यह तय होता है कि किसे लाभ देना है और किसे राजनीतिक रूप से किनारे करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की नीतियां और संसाधन इसी सीमित समूह की प्राथमिकताओं के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

उन्होंने राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस ने जिस व्यक्ति को साधारण कार्यकर्ता बताते हुए टिकट दिया, उसके शपथपत्र में लगभग 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का उल्लेख है और वर्तमान सरकार में उनके पास कई करोड़ रुपये के ठेके भी बताए जा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता स्वयं यह प्रश्न उठा रहे हैं कि यदि यही “साधारण कार्यकर्ता” की परिभाषा है तो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को ऐसा अवसर क्यों नहीं मिला।

उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरों को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा कि कई बार मुख्यमंत्री का आधिकारिक दौरा कार्यक्रम जारी होता है, लेकिन बाद में वह किसी अन्य स्थान पर चले जाते हैं और इसकी जानकारी न तो प्रशासन को होती है और न ही जनता को। उनके अनुसार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस प्रकार की कार्यप्रणाली कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकाल में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पांच वर्षों में लगभग 7000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं प्रदेश को मिलीं और लगभग 4700 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने Himcare Scheme के माध्यम से गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, Sahara Yojana के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सहायता दी और Mukhyamantri Swavalamban Yojana के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इसके साथ ही Jal Jeevan Mission के अंतर्गत घर-घर नल से जल पहुंचाने का काम किया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बुजुर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन को मजबूत किया, जनमंच कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया और केंद्र से प्राप्त हर संसाधन का उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सड़क परियोजनाएं रुकी हुई हैं, पेयजल योजनाओं का कार्य प्रभावित हुआ है और सरकार केवल पहले से शुरू की गई योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित रह गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगाए। उन्होंने सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में हुए कथित अवैध पेड़ कटान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां केवल 25 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी, वहां 300 से अधिक पेड़ काटे जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है और जांच को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने मंडी जिले में सामने आए एक अन्य वन कटान मामले का भी जिक्र किया, जहां हजारों ट्रकों के बराबर लकड़ी काटे जाने के आरोप लगे हैं। उनके अनुसार जब यह मामला सामने आया तो सबूतों को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसे प्रदेश में भ्रष्टाचार के एक गंभीर उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा उन्होंने एक अन्य परियोजना में लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समान क्षमता की परियोजनाएं अन्य राज्यों में कम लागत में बन जाती हैं, लेकिन हिमाचल में अत्यधिक खर्च किया जा रहा है, जो गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास भाजपा के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सामने लाकर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद केवल बयानबाजी करना राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

उन्होंने अंत में कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। उनके अनुसार वर्तमान सरकार विकास के बजाय सत्ता संरक्षण और अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने की राजनीति कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश के संसाधनों और हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Supreme Court Seeks Election Commission Response on Plea Challenging CEC Gyanesh Kumar’s Alleged Unilateral Exercise of Powers

The Supreme Court on Monday sought a response from the Election Commission of India on a petition questioning...

Sudhir Rajpal Given Additional Charge of Haryana Finance and Planning Departments

The Haryana government has assigned the additional charge of the Finance and Planning Departments to senior IAS officer...

CM Sukhvinder Singh Sukhu Takes Government to Remote Villages, Unveils ₹415.80 Crore Development Projects in Rohru and Rampur

Himachal Pradesh Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu’s three-day visit to Rohru and Rampur from October 1 to 3...

Three Killed as Car Rams into Dumper on Paonta Sahib’s Old Yamuna Bridge

Three people were killed after a car collided with a dumper truck on the old Yamuna Bridge in...