हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी तेजी से बढ़ने लगती है, वहीं इस बार मौसम ने अलग ही रुख अपनाया हुआ है। कभी ठंडी हवाएं तो कभी हल्की गर्माहट—इस उतार-चढ़ाव के बीच अब मौसम विभाग ने 19 और 20 मार्च को लेकर अहम चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक 17 मार्च को हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में लगभग 0.3 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई। हालांकि तापमान सामान्य के आसपास ही बना हुआ है, जिससे गर्मी से खास राहत महसूस नहीं हो रही। नूंह जिला सबसे अधिक गर्म रहा, जहां तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि गुरुग्राम में भी पारा 32 डिग्री के करीब दर्ज किया गया।
दूसरी ओर, न्यूनतम तापमान में करीब 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास फिर से होने लगा है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। विशेष रूप से खुले क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और सड़कों पर धूलभरी आंधी का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी यह मौसम परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर हल्की बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और आंधी नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए पहले से इंतजाम कर लें।
कुल मिलाकर हरियाणा में मौसम का यह बदलता मिजाज आने वाले दिनों में और भी उतार-चढ़ाव ला सकता है। ऐसे में आमजन से लेकर किसान तक सभी को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।


