प्रदेश में करीब 3 लाख लड़कियों को  ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन निःशुल्क लगाई जाएगी 

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हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में करीब 3 लाख लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन (HPV) निःशुल्क लगाई जाएगी। अब तक लगभग 3280 किशोर लड़कियों को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

आरती सिंह राव ने बताया कि फिलहाल, 14 साल की लड़कियों की सही लिस्ट बनाने के लिए सभी जिलों में हेड काउंट सर्वे  करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में टारगेट किशोर लड़कियों की संख्या कुल आबादी का 1 प्रतिशत  है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 28 फरवरी, 2026 को हरियाणा में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीन लॉन्च की थी। यह इंजेक्शन HPV के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देता है, जो सर्वाइकल कैंसर के लिए ज़िम्मेदार हैं, साथ ही टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देता है। इसके टारगेट लाभार्थी वे किशोर लड़कियां हैं जिन्होंने 14 साल की उम्र पूरी कर ली है, लेकिन अभी 15 साल की नहीं हुई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वैक्सीन देने से पहले, सभी मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ यह सुनिश्चित करें कि वैक्सीन लगवाने वाली किशोरी टीकाकरण के समय खाली पेट न हों। माता-पिता को सलाह दी जानी चाहिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि वैक्सीन लगवाने वाली किशोरी खाली पेट न हों, या टीकाकरण से पहले उन्हें कुछ खाने के लिए दें। सेशन वाली जगह पर उन किशोरियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई है, जिन्होंने घर पर नाश्ता नहीं किया है।

उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वैक्सीन लगवाने वाली किशोरियां 30 मिनट तक वहीं रुकें। सेशन वाली जगहों पर ऑब्ज़र्वेशन रूम में ऐसी गतिविधियों की व्यवस्था की गई है, जो किशोरियों का ध्यान टीकाकरण के बाद होने वाले दर्द और घबराहट से हटा सकें। तनाव से जुड़ी प्रतिक्रियाओं की संभावना को कम करने के लिए भीड़भाड़ कम से कम रखें।

आरती सिंह राव ने आगे कहा कि प्रोग्राम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल उन्हीं किशोरियों को वैक्सीन लगाएं जिन्होंने 14 साल की उम्र पूरी कर ली है, लेकिन अभी 15 साल की नहीं हुई हैं। टीकाकरण से पहले माता-पिता/अभिभावकों से OTP-आधारित सहमति या लिखित सहमति प्राप्त करें। वैक्सीन लगाने से पहले लाभार्थियों की गर्भावस्था, पहले एचपीवी टीकाकरण, गंभीर एलर्जी, या मध्यम/गंभीर बीमारी के लिए स्क्रीनिंग की जाती है। टीकाकरण सेशन निर्धारित केंद्रों (PHC स्तर तक) पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में और मेडिकल देखरेख में आयोजित किए जाते हैं। लाभार्थियों और माता-पिता को हल्के साइड इफ़ेक्ट (दर्द, हल्का बुखार, बदन दर्द) के बारे में जानकारी दें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पेरासिटामोल लेने की सलाह दें।

उन्होंने आगे कहा कि U-WIN पोर्टल पर सभी टीकाकरण की जानकारी समय पर और सही तरीके से दर्ज की जा रही है, और डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरूकता बढ़ाने और पात्र किशोरियों तक पहुँच के लिए शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता), सामुदायिक नेताओं और स्थानीय प्रभावशाली लोगों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। वे परिवारों को सूचित करें कि यह टीका सरकारी कार्यक्रम के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

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