चंडीगढ़, 29 अप्रैल। हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ क्षेत्र में औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने की प्रक्रिया को गति प्रदान की है। इस परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसानों ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर अपनी भूमि देने पर सहमति जता दी है, जिसे प्रदेश के संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से नारायणगढ़ क्षेत्र के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस बैठक में भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार द्वारा तय दरों को किसानों ने स्वीकार करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 450 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त किया। इस निर्णय के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें मिठाई खिलाकर स्वागत किया, जो सरकार और किसानों के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल न केवल नारायणगढ़ क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी इसका सीधा लाभ उठा सके।
उन्होंने कहा कि अंबाला क्षेत्र में पहले से ही औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है और अब नारायणगढ़ में इस परियोजना के शुरू होने से पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस क्षेत्र को आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हो सके।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में उन्होंने प्रदेश में 10 औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें मानेसर, बावल, रोहतक, फरीदाबाद, सोहना और खरखौदा जैसे क्षेत्रों में पहले से ही विकास कार्य चल रहे हैं। अंबाला, जो पहले से ही मिश्रित उद्योग और चिकित्सा उपकरण निर्माण के लिए जाना जाता है, अब दो नए औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार केवल घोषणाएं करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। नारायणगढ़ में इस परियोजना की शुरुआत इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीतियां प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इसी लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए सरकार स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए, जिन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने में सहयोग देने का भरोसा जताया।
नारायणगढ़ में प्रस्तावित यह औद्योगिक परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगी, बल्कि हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

