शहर में खुले नालों और अधूरे निर्माण कार्यों से लोगों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड नंबर-3 में देवी मंदिर के पास एक बच्ची खुले नाले में गिर गई और डूबने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के दौरान लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

बताया जा रहा है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में बच्ची के नाले में गिरने और लोगों के तत्काल उसे बचाने के लिए आगे आने की घटना दिखाई देती है। हादसे ने इलाके में खुले नालों की स्थिति और नगर निगम की ओर से किए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। कुछ समय पहले एक महिला खुले नाले में गिर गई थी। इसके बाद बाइक सवारों के गड्ढे में गिरने की घटनाएं भी हुई थीं। इन हादसों के बाद नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और निर्माण एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए थे।
इसके बावजूद बच्ची के नाले में गिरने की ताजा घटना से स्पष्ट है कि खुले नालों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे स्थानों पर उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था लोगों को दुर्घटनाओं से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अब सवाल यह है कि पहले हुए हादसों और कार्रवाई के बावजूद ऐसी स्थिति दोबारा क्यों सामने आई। स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारी खुले नालों और अधूरे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें तथा खतरनाक स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करवाएं।
