ज़हर, झूठ और जलती हुई ख़ामोशी: अमनदीप कौर हत्याकांड की वह कहानी जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया

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हरियाणा के अंबाला जिले की 31 वर्षीय अमनदीप कौर मंगलवार सुबह घर से यह कहकर निकली थी कि वह अपनी कैंसर पीड़ित मां की दवाइयाँ और मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट लेने जा रही है। परिवार के लिए यह एक सामान्य दिन की तरह था। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आख़िरी सफर साबित होगा। कुछ घंटों बाद उसका फोन बंद हो गया, और अगले दिन हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र के कोलर गांव के जंगल में एक जली हुई लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

अब पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित हत्या थी। आरोप है कि अमनदीप की हत्या उसके प्रेमी संदीप ने की, जिसने पहले उसे कोल्ड ड्रिंक में ज़हर मिलाकर पिलाया और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को जंगल में ले जाकर आग के हवाले कर दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी संदीप हरियाणा के बराड़ा क्षेत्र की जनकपुरी कॉलोनी का रहने वाला है और इनवर्टर बैटरी से जुड़े काम करता था। उसने बराड़ा में किराये पर एक कमरा लिया हुआ था। अमनदीप भी बराड़ा की रहने वाली थी और बच्चों को मैथ्स की ट्यूशन पढ़ाती थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों पिछले करीब पांच वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और नियमित रूप से फोन पर बातचीत होती थी।

परिवार की शिकायत के बाद जब अमनदीप की तलाश शुरू हुई तो परिजनों ने खुद आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज में अमनदीप रेलवे स्टेशन के पास एक अंडरपास के नजदीक स्थित दुकानों के ऊपर बने कमरे की ओर जाती दिखाई दी। पुलिस को शक हुआ कि वह आरोपी संदीप के कमरे में गई थी। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले से पूरी साजिश रची थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार संदीप ने अमनदीप को अपने कमरे में बुलाया, जहां उसे कोल्ड ड्रिंक में ज़हर मिलाकर पिलाया गया। आरोपी ने बाद में पुलिस को बताया कि दोनों ने कथित रूप से ज़हर पीने की योजना बनाई थी, लेकिन उसने खुद ज़हर नहीं पिया। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

जब अमनदीप की मौत हो गई तो आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने शव को एक बड़े बैग में रखा और फिर एक रेहड़ी चालक की मदद से उसे वहां से बाहर ले जाया गया। जांच में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी और एक रेहड़ी चालक भारी बैग को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेहड़ी चालक को बैग के भीतर क्या था, इसकी जानकारी थी या नहीं।

इसके बाद आरोपी शव को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के जंगल क्षेत्र में ले गया। वहां उसने शव को आग लगा दी ताकि पहचान मिटाई जा सके और हत्या को दुर्घटना या अज्ञात घटना का रूप दिया जा सके। लेकिन यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। जंगल में आग की लपटें देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक महिला का लगभग 95 प्रतिशत जला हुआ शव बरामद हुआ। चेहरा बुरी तरह झुलस चुका था, लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि शव किसी युवती का है।

फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय शुरू किया। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। घटना के बाद आरोपी सिरमौर इलाके में ही घूमता रहा, लेकिन आखिरकार उसे बाता पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

बराड़ा के डीएसपी सुरेश कौशक ने बताया कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या की असली वजह क्या थी और क्या इसके पीछे शादी को लेकर दबाव मुख्य कारण था। शुरुआती जानकारी के अनुसार अमनदीप आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी इससे बचना चाहता था। पुलिस अब दोनों के बीच के संबंधों, कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूतों की विस्तार से जांच कर रही है।

यह मामला केवल एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि भरोसे, भावनात्मक शोषण और योजनाबद्ध अपराध का भयावह चेहरा भी सामने लाता है। जिस महिला ने अपने परिवार से यह कहकर घर छोड़ा कि वह मां की दवा लेने जा रही है, उसे शायद अंदाज़ा भी नहीं रहा होगा कि जिस व्यक्ति पर उसने वर्षों तक भरोसा किया, वही उसकी मौत की साजिश रच चुका है।

अमनदीप की मौत ने बराड़ा और पांवटा साहिब दोनों इलाकों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं परिवार अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है कि उनकी बेटी, जो घर की जिम्मेदारियों को संभाल रही थी और बीमार मां की देखभाल कर रही थी, इतनी निर्ममता का शिकार हो गई।

पुलिस फिलहाल आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या की योजना कितने समय से बनाई जा रही थी और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी। इस बीच अमनदीप कौर हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निजी रिश्तों के भीतर पनप रही हिंसा कितनी खामोशी से एक भयावह अपराध में बदल सकती है।

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