दादरी गोलीकांड में CIA की बड़ी कार्रवाई: मुख्य साजिशकर्ता मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

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चरखी दादरी — 6 अगस्त को दादरी शहर में पुलिस थाने के सामने हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में जिला पुलिस की अपराध शाखा (CIA) ने अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने कथित मुख्य साजिशकर्ता अमरजीत उर्फ पंकज, निवासी साहुवास, को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल बरामद किए जाने का दावा किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है। आरोपी की गिरफ्तारी उस समय हुई जब CIA टीम को सूचना मिली कि वह गांव गोपालवास की बणी में श्मशान घाट के नजदीक एक बिना नंबर की सफेद बोलेरो में मौजूद है और कथित तौर पर किसी अन्य आपराधिक वारदात की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल इलाके में पहुंचकर घेराबंदी की।

पुलिस का कहना है कि टीम को देखते ही आरोपी ने बोलेरो लेकर मौके से निकलने का प्रयास किया। पुलिस ने उसका पीछा किया और घेराबंदी बढ़ाई। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर भागने लगा। पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने के दौरान उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की ओर से चलाई गई एक गोली एक अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट से जा टकराई। इससे पुलिस टीम संभावित गंभीर नुकसान से बच गई। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोप है कि उसने दोबारा फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान बरामद हथियार को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। घटनास्थल से संबंधित अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया गया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में अमरजीत उर्फ पंकज ने खुद को काला साहुवास गैंग का सरगना बताया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने 6 अगस्त को हुई गोलीबारी में अपनी भूमिका स्वीकार की और बताया कि कथित तौर पर उसके निर्देश पर अन्य आरोपियों ने अमित फतेहगढ़िया और उसके साथियों पर फायरिंग की थी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

आरोपी के खिलाफ थाना बाढ़ड़ा में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1), 121(1), 132 और 221 तथा शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर गोलीबारी की पूरी साजिश, हथियारों की उपलब्धता और घटना में शामिल अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

6 अगस्त की मूल घटना ने दादरी में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस के अनुसार, कुछ युवक अदालत में पेशी के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को थाने के सामने रोककर करीब आधा दर्जन हमलावरों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया कि हमलावरों ने लगभग 30 राउंड गोलियां चलाईं।

इस गोलीबारी में छह लोग घायल हुए थे। घटना के बाद घायलों को तत्काल दादरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वारदात का सबसे गंभीर पहलू यह था कि हमलावर पुलिस थाने के सामने गोलीबारी करने के बाद मौके से फरार होने में सफल रहे। इससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा हुई थी।

इसी मामले में अब CIA की कार्रवाई को पुलिस जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्य साजिशकर्ता के रूप में बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को घटना के पीछे की कथित योजना और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

CIA की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पुलिस ने आरोपी के किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में होने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, उसके पास हथियार होने की सूचना के आधार पर टीम ने जोखिम उठाते हुए इलाके में दबिश दी और पीछा करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

जिला पुलिस ने कहा है कि आपराधिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसक वारदातों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस का ध्यान केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां कथित गैंग नेटवर्क, गोलीबारी में इस्तेमाल हथियारों, फरार आरोपियों और घटना के पीछे संभावित आपराधिक संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। FSL और सीन ऑफ क्राइम टीम द्वारा जुटाए जा रहे वैज्ञानिक साक्ष्य जांच में आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दादरी की इस घटना में CIA की त्वरित कार्रवाई ने पुलिस को जांच में एक अहम बढ़त जरूर दी है, लेकिन मामले की पूरी तस्वीर आरोपियों की गिरफ्तारी, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अदालत में पेश किए जाने वाले प्रमाणों के बाद ही सामने आएगी। अभी तक सामने आए पुलिस के दावे जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

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