सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाकर जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पिछले दो हफ्तों में चौथी बार बढ़ोतरी हुई है और अब तक करीब ₹7.5 प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ चुकी हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीज़ल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है।
आज देश का आम आदमी पहले ही महंगाई, बेरोज़गारी और रोज़मर्रा के बढ़ते खर्चों से जूझ रहा है। कई परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो चुका है। ऐसे समय में लगातार ईंधन के दाम बढ़ाना सीधे तौर पर हर चीज़ को महंगा करने जैसा है — चाहे सब्ज़ी हो, राशन हो या सफर।
दुख की बात यह है कि जनता की परेशानियों को समझने के बजाय सरकार केवल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और तेल कीमतों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचती नजर आ रही है। आखिर कब तक आम आदमी ही हर बोझ उठाएगा?