बाढ़ से प्रभावित 15,688 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया, 7,144 व्यक्ति राहत कैंपों में ठहराए :  हरदीप सिंह मुंडियां

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पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज यहां बताया कि राज्य में लगातार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे जन-धन, फसलों, पशुधन और बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचा है। लेकिन मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस हालात से निपटने और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए दिन-रात अथक मेहनत कर रही है।

राहत कार्यों का ब्यौरा देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि पंजाब बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है और प्रभावित जिलों में बड़े पैमाने पर राहत कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार अब तक कुल 15,688 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इनमें गुरदासपुर से 5,549 लोग, फिरोजपुर से 3,321, फाजिल्का से 2,049, पठानकोट से 1,139, अमृतसर से 1,700 और होशियारपुर से 1,052 लोगों को सुरक्षित पहुँचाया गया। इसके अलावा बरनाला से 25, कपूरथला से 515, तरन तारन से 60, मोगा से 115 और मानसा से 163 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि राहत और पुनर्वास कार्य पूरी गति से चल रहे हैं और बेघर परिवारों को तुरंत ठहराने के लिए पंजाब भर में 129 कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें अमृतसर में 16 कैंप, बरनाला में 1, फाजिल्का में 10, फिरोजपुर में 8, गुरदासपुर में 25, होशियारपुर में 20, कपूरथला में 4, मानसा में 1, मोगा में 9, पठानकोट में 14, संगरूर में 1 और ज़िला पटियाला में 20 कैंप शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को इन केंद्रों में भोजन, चिकित्सा सहायता और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में राज्य भर में कुल 7,144 व्यक्तियों को राहत कैंपों में ठहराया गया है। इनमें सबसे अधिक फिरोजपुर (3,987), फाजिल्का (1,201), होशियारपुर (478), पठानकोट (411), गुरदासपुर (424), अमृतसर (170), मानसा (163), मोगा (115), कपूरथला (110), संगरूर (60) और बरनाला (25) व्यक्तियों को राहत कैंपों में ठहराया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि राज्य के 12 जिलों के कुल 1,044 गाँव प्रभावित हुए हैं। जिला-वार विवरण के अनुसार अमृतसर के (88 गाँव), बरनाला (24), फाजिल्का (72), फिरोजपुर (76), गुरदासपुर (321), होशियारपुर (94), जालंधर (55), कपूरथला (115), मानसा (77), मोगा (39), पठानकोट (82) और एस.ए.एस. नगर का 1 गाँव प्रभावित हुआ है।

श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि डिप्टी कमिश्नरों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार पंजाब के विभिन्न जिलों में बाढ़ से कुल 2,56,107 लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक असर गुरदासपुर जिले पर पड़ा है, जहाँ 1,45,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही अमृतसर में 35,000, फिरोजपुर में 24,015 और फाजिल्का में 21,562 लोग प्रभावित हुए। उन्होंने आगे बताया कि पठानकोट में भी 15,053 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं जबकि एस.ए.एस. नगर और कपूरथला में क्रमशः 7,000 और 5,650 लोग प्रभावित हुए। अन्य कम प्रभावित जिलों में बरनाला (59), मानसा (163), जालंधर (653), मोगा (800) और होशियारपुर (1,152) व्यक्ति प्रभावित हुए हैं।

फौज की तैनाती के बारे में राजस्व मंत्री ने बताया कि कई एजेंसियां मदद प्रदान कर रही हैं। राज्य में एनडीआरएफ की कुल 20 टीमों में से पठानकोट में (1), गुरदासपुर (6), अमृतसर (6), फिरोजपुर (3), फाजिल्का (3) और बठिंडा में (1) टीम तैनात की गई है। वायुसेना, नौसेना और सेना की 10 टुकड़ियाँ तैनात करने के साथ-साथ 8 टुकड़ियों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। इसके अलावा 2 इंजीनियर टीमें भी तैनात की गई हैं। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के लगभग 35 हेलीकॉप्टर बचाव और राहत कार्यों के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अतिरिक्त मदद देने के लिए बीएसएफ यूनिटों को भी तैनात किया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोगों को बाहर निकालने और राहत कार्यों के लिए कुल 114 नावें और राज्य का 1 हेलीकॉप्टर भी काम में लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण 1 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 तक 12 जिलों में 29 व्यक्तियों की जान गयी है। जिला-वार रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर (3 व्यक्ति), बरनाला (3), बठिंडा (1), गुरदासपुर (1), होशियारपुर (3), लुधियाना (3), मानसा (3), पठानकोट (6), पटियाला (1), रूपनगर (3), एस.ए.एस. नगर (1) और संगरूर (1 व्यक्ति) की जान गई है। इसके अलावा पठानकोट ज़िले में 3 व्यक्ति लापता हुए हैं।

राजस्व मंत्री ने बताया कि बाढ़ ने कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुँचाया है और विभिन्न जिलों में कुल 94,061 हेक्टेयर फसली क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों में अमृतसर (23,000 हेक्टेयर), मानसा (17,005 हेक्टेयर), कपूरथला (14,934 हेक्टेयर), तरन तारन (11,883 हेक्टेयर), फिरोजपुर (11,232 हेक्टेयर), होशियारपुर (5,971 हेक्टेयर), जालंधर (2,800 हेक्टेयर), पठानकोट (2,442 हेक्टेयर), एस.ए.एस. नगर (2,000 हेक्टेयर), पटियाला (1,450 हेक्टेयर), मोगा (949 हेक्टेयर), लुधियाना (108 हेक्टेयर), बठिंडा (97 हेक्टेयर) और श्री मुक्तसर साहिब (84 हेक्टेयर) शामिल हैं। इसके अलावा कम प्रभावित क्षेत्रों में फाजिल्का (64 हेक्टेयर), गुरदासपुर (24 हेक्टेयर), एस.बी.एस. नगर (7 हेक्टेयर), मलेरकोटला (5 हेक्टेयर), संगरूर (3 हेक्टेयर), बरनाला (2 हेक्टेयर) और फतेहगढ़ साहिब (1 हेक्टेयर) शामिल हैं।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि सभी प्रभावित जिलों में राहत सामग्री बाँटी जा रही है, जबकि मेडिकल टीमें प्रभावित आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अभी पशुधन और बुनियादी ढांचे के नुकसान का आंकलन नहीं किया जा सकता और स्थिति सामान्य होने के बाद इस संबंधी डेटा एकत्र किया जाएगा।

श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सभी प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत प्रदान करने और उनका पुनर्वास करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी प्रभावित ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे नुकसान का जल्द से जल्द आंकलन करें ताकि समय पर मुआवज़ा दिया जा सके।

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