बारिश से बेहाल हरियाणा: टोहाना में जलभराव के बीच अंडरब्रिज में फंसी रोडवेज बस, ग्रामीणों ने बचाईं 50 यात्रियों की जान

Date:

Share post:

हरियाणा में लगातार बारिश के बाद जलभराव अब केवल असुविधा का कारण नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। टोहाना-खनौरा मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज में करीब तीन फुट पानी भरने के बाद हरियाणा रोडवेज की एक बस फंस गई। बस में लगभग 50 यात्री सवार थे। समय रहते ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और ट्रैक्टर की मदद से बस को पानी से बाहर निकालकर एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाएगी। अब समय आ गया है कि प्रशासन और सरकार केवल बारिश के बाद राहत एवं बचाव की कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करें, ताकि सामान्य जनजीवन बार-बार बाधित न हो।

जानकारी के अनुसार, हरियाणा राज्य परिवहन के फतेहाबाद डिपो की बस चंडीगढ़ से टोहाना होते हुए फतेहाबाद जा रही थी। बुधवार शाम करीब पांच बजे जब बस टोहाना से फतेहाबाद की ओर बढ़ी, तो खनौरा रोड पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास पहुंची। वहां पहले से पानी जमा था। बताया जा रहा है कि पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण चालक ने बस को अंडरब्रिज के भीतर ले जाने का प्रयास किया।

बस कुछ दूरी तक आगे बढ़ी, लेकिन अचानक उसका इंजन बंद हो गया और वाहन करीब तीन फुट गहरे पानी में फंस गया। देखते ही देखते स्थिति चिंताजनक हो गई। बस में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 50 यात्री मौजूद थे और पानी बस के फर्श तक पहुंचने लगा था। यात्रियों में घबराहट फैल गई और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांव खनौरा के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए एक ट्रैक्टर की व्यवस्था की और लोहे की तार की मदद से बस को ट्रैक्टर से बांधकर बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब 35 मिनट की मशक्कत के बाद बस को पानी से बाहर निकाल लिया गया।

इस दौरान यात्रियों में से कुछ लोग बस से उतरकर पैदल सुरक्षित स्थान की ओर पहुंचे। ग्रामीणों ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को पहले बाहर निकालने में मदद की। बस के सुरक्षित बाहर आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। यदि ग्रामीण समय पर मौके पर नहीं पहुंचते, तो जलस्तर बढ़ने की स्थिति में परेशानी और गंभीर हो सकती थी।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बस चालक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अंडरब्रिज में बारिश के दौरान अक्सर पानी जमा रहता है, इसके बावजूद बस चालक कई बार इस रास्ते से वाहन निकालने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार को ही इस स्थान पर तीन बसों के पानी में फंसने की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल एक बस के फंसने तक सीमित नहीं है। यदि जलभराव वाले अंडरब्रिज पर पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था नहीं है और वहां पानी की निकासी का स्थायी इंतजाम नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पानी भरने की स्थिति में अंडरब्रिज के दोनों ओर बैरिकेड लगाए जाएं और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक जोखिम उठाकर पानी में प्रवेश न करें।

गांव खनौरा के सरपंच जगसीर ने भी प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में गंदा पानी अंडरब्रिज में जमा हो जाता है, जिससे आसपास के लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को लगातार परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि केवल पानी में फंसे वाहनों को निकालना समाधान नहीं है। प्रशासन को पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी होगी, ताकि हर बारिश के बाद यही स्थिति दोबारा पैदा न हो।

इस घटना ने हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश के दौरान सामने आने वाली एक पुरानी समस्या को फिर उजागर किया है। सड़कें, अंडरब्रिज और निचले इलाकों में जलभराव होने पर यातायात प्रभावित होता है और कई बार लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। खासतौर पर सार्वजनिक परिवहन की बसों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं, इसलिए ऐसे मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

टोहाना की यह घटना फिलहाल ग्रामीणों की तत्परता और सामुदायिक सहयोग के कारण बड़े हादसे में बदलने से बच गई। लेकिन इसका संदेश साफ है—बारिश के मौसम में जलभराव से निपटने के लिए अस्थायी राहत उपायों के बजाय स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत है। प्रशासन को ऐसे सभी अंडरब्रिज और जलभराव संभावित स्थानों का सर्वे कर उनकी क्षमता, निकासी व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करनी होगी।

बारिश प्राकृतिक घटना है, लेकिन बारिश के बाद पानी का घंटों या दिनों तक जमा रहना अक्सर प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्या बन जाता है। इसलिए अब जरूरत इस बात की है कि जलनिकासी को सड़क निर्माण और शहरी व ग्रामीण बुनियादी ढांचे की योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। टोहाना की घटना इसी दिशा में तत्काल कार्रवाई की एक और चेतावनी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

LPU Unrest After Sexual Assault Claim: Highway Blocked as Police Probe Deepens, Chitkara Incident Raises Fresh Questions Over Campus Rumours

Phagwara :  Punjab witnessed a second major episode of student unrest at a private university within two days...

Haryana to Facilitate Private School Education for Children in Child Care Institutions

The Haryana government has directed officials to make proper arrangements for children living in child care institutions who...

Haryana CM Orders Financial Support for Children with Disabilities

The Haryana government has directed officials to ensure financial assistance for children with disabilities, with the Chief Minister...

Haryana CM Directs Special Focus on Education of Children in Child Care Institutions

The Haryana government has directed officials to give special attention to the education and overall development of children...