एलेन्जर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-4 का आज चंडीगढ़ में भव्य शुभारंभ हुआ, जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टूर्नामेंट का औपचारिक उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह उत्साह, खेल भावना और युवा ऊर्जा से सराबोर रहा, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेल प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हर वर्ष आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट अब युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खेल मंच के रूप में उभर चुका है। एलेन्जर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाने का माध्यम बन रहा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने खेल कौशल के दम पर पहचान बनाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन केवल खेल प्रतियोगिताएं नहीं, बल्कि नई प्रतिभाओं को अवसर देने और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि गली क्रिकेट से निकलकर कई खिलाड़ी बड़े मंचों तक पहुंचे हैं और इस तरह के आयोजन भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के टूर्नामेंट युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक सोच विकसित करते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित होती है।
खेल प्रेमियों का मानना है कि गली क्रिकेट जैसे आयोजन जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोजने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। खासकर ऐसे समय में जब युवा पीढ़ी को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है, यह टूर्नामेंट एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
टूर्नामेंट के आयोजकों ने बताया कि सीजन-4 में पहले के मुकाबले अधिक टीमों और खिलाड़ियों की भागीदारी देखी जा रही है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। उनका कहना है कि इस मंच का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं में खेलों के प्रति दीर्घकालिक रुचि पैदा करना और उन्हें बड़े अवसरों की ओर अग्रसर करना है।
चंडीगढ़ में शुरू हुआ यह वार्षिक आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि गली से मैदान और मैदान से पहचान तक का सफर ऐसे ही मंचों से शुरू होता है। एलेन्जर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-4 के साथ एक बार फिर युवा प्रतिभाओं को उड़ान देने की नई शुरुआत हुई है।

