हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच बहु-क्षेत्रीय सहयोग को एक नई दिशा देते हुए फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक में विभिन्न अफ्रीकी देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने राज्य के साथ दीर्घकालिक और ठोस साझेदारी को आगे बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई। इस बैठक में कौशल विकास, उद्यमिता, औद्योगिक निवेश, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों पर व्यापक सहमति बनी, जिससे हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार और वैश्विक अवसरों के नए द्वार खुलने की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार की प्रगतिशील नीतियों, डिजिटल गवर्नेंस, सिंगल विंडो सिस्टम और उद्योगों के लिए सरल एवं पारदर्शी प्रक्रियाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार व्यापार, निवेश और कौशल आधारित साझेदारियों को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर सहयोग और समर्थन प्रदान करेगी, ताकि यह साझेदारी केवल कागज़ी न रहकर ज़मीनी स्तर पर परिणाम दे सके।
दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि मिस्टर पीटर सैक ने हरियाणा के साथ कौशल एवं उद्यमिता आधारित कार्यक्रमों, पर्यटन विकास, युवाओं को कौशल-आधारित रोजगार उपलब्ध कराने और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में संयुक्त पहल दोनों पक्षों के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
तंजानिया की हाई कमिश्नर मिसेज अनीश कपूफि ने हरियाणा और तंजानिया के बीच पहले से स्थापित साझेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा के किसान तंजानिया में कृषि, व्यापार, खनन, विनिर्माण और प्लाईवुड उद्योग में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पारंपरिक सहयोग भविष्य में और अधिक सशक्त रूप लेगा तथा दोनों क्षेत्र मिलकर नए अवसरों का सृजन करेंगे।
रवांडा की हाई कमिश्नर मिस जैकलिन मुकांगीरा ने हरियाणा के सिंगल विंडो सिस्टम और तेज़ एवं पारदर्शी औद्योगिक स्वीकृति प्रक्रिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह व्यवस्था विदेशी निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने हरियाणा में रवांडा के निवेशकों के लिए उपलब्ध अवसरों का उल्लेख किया और सरकार-से-सरकार तथा व्यापारिक बैठकों के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया।
घाना के हाई कमिश्नर प्रोफेसर क्वासी ने बताया कि अफ्रीकी देशों में कॉफी का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है और कॉफी प्रोसेसिंग व मार्केटिंग के क्षेत्र में हरियाणा के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने शीया बटर (Shea Butter) के व्यापार को लेकर हरियाणा के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। साथ ही, हरियाणा के डिजिटल सिस्टम और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रशंसा करते हुए इन क्षेत्रों में संयुक्त कार्य की संभावनाओं पर जोर दिया।
युगांडा की हाई कमिश्नर प्रोफेसर जॉयस ने कहा कि भारत में अपने छह वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने हरियाणा की उल्लेखनीय प्रगति को नज़दीक से देखा है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधन आधारित उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की और बताया कि युगांडा भारतीय नागरिकों को एक माह का नि:शुल्क वीज़ा ऑन अराइवल प्रदान करता है, जिससे हरियाणा के उद्यमियों और युवाओं को वहां निवेश और कार्य के नए अवसर मिल सकते हैं।
मिस्र के योजना एवं आर्थिक सहयोग मंत्रालय की डिप्टी चीफ ने कहा कि हरियाणा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास किया है और मिस्र व हरियाणा के बीच पहले से मजबूत व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को औद्योगिक सहयोग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
बैठक में शामिल सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि हरियाणा की तेज़ निर्णय प्रणाली, निवेश-अनुकूल वातावरण और स्पष्ट नीतिगत दृष्टिकोण अफ्रीकी देशों के साथ दीर्घकालिक, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। यह साझेदारी न केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित रहेगी, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों को भी नई मजबूती देगी, जिससे हरियाणा की वैश्विक पहचान और प्रभाव और व्यापक होगा।

