हिमाचल प्रदेश में जलविद्युत क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार के सचिव (विद्युत) Pankaj Agarwal ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की प्रमुख परियोजनाओं का दौरा किया। उनके साथ अपर सचिव (हाइड्रो एवं ईसी एंड ईटी) Diwakar Nath Mishra तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के सदस्य (हाइड्रो) Milind Ganesh Gokhale भी मौजूद रहे।
इस दौरान 1500 मेगावाट Nathpa Jhakri Hydropower Station, 210 मेगावाट Luhri Stage 1 Hydropower Project, 412 मेगावाट Rampur Hydropower Station और 382 मेगावाट Sunnni Dam Hydropower Project की प्रगति और संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Bhupendra Gupta, निदेशक (कार्मिक) Ajay Kumar Sharma, निदेशक (वित्त) Parthajit Dey और ओएसडी Rajesh Kumar Chandel सहित परियोजना प्रमुखों ने अतिथियों का स्वागत किया।
नाथपा झाकड़ी में पावर हाउस का निरीक्षण कर आधुनिक रखरखाव प्रणाली, तकनीकी दक्षता और उत्पादन उपलब्धियों की जानकारी दी गई। वहीं रामपुर परियोजना में पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधारोपण भी किया गया। लूहरी-1 परियोजना में निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए समयबद्ध और सुरक्षित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
सुन्नी बांध परियोजना में खैरा क्षेत्र में डबल-लेन स्टील ट्रस ब्रिज का उद्घाटन किया गया, जो न केवल परियोजना कार्यों को सुगम बनाएगा, बल्कि मंडी और शिमला के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी भी बढ़ाएगा।
ऊर्जा सचिव ने एसजेवीएन टीम की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं देश की ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।


