26 साल बाद नहर से मिली कार ने फिर ताजा कर दिए दर्दनाक हादसे के जख्म

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पंजाब के श्री कीरतपुर साहिब क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने करीब 26 साल पुराने दर्दनाक हादसे की यादों को फिर से जिंदा कर दिया। नंगल-भाखड़ा नहर से एक पुरानी कार बरामद हुई है, जिसके भीतर से चार इंसानी कंकाल मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह वही कार बताई जा रही है जो वर्ष 2000 में एक परिवार सहित नहर में गिर गई थी और जिसके बाद परिवार के सदस्यों का कभी कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ था जब एक परिवार शादी समारोह से लौट रहा था। रास्ते में उनकी ओमनी वैन अचानक नहर में जा गिरी। घटना के बाद प्रशासन और सरकारी गोताखोरों ने कई दिनों तक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन न तो वाहन का पता चल पाया और न ही उसमें सवार लोगों के शव बरामद हुए। समय के साथ यह मामला लोगों की यादों में धुंधला पड़ गया, लेकिन पीड़ित परिवार के लिए यह जख्म कभी नहीं भर पाया।

अब वर्ष 2026 में एक बार फिर वही हादसा चर्चा में आ गया, जब गोताखोर नहर में किसी अन्य व्यक्ति की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान पानी के भीतर एक पुराना वाहन दिखाई दिया। काफी मशक्कत के बाद जब वाहन को बाहर निकाला गया तो पता चला कि यह वही ओमनी वैन है जो करीब 26 साल पहले नहर में समा गई थी। वाहन की तलाशी लेने पर उसके भीतर से तीन वयस्कों और एक बच्चे के कंकाल बरामद हुए।

बताया जा रहा है कि बच्चे के शरीर का केवल घुटने का हिस्सा और कुछ कपड़े मिले हैं, जबकि अन्य लोगों की हड्डियां भी कार के भीतर से बरामद हुईं। वर्षों तक पानी में डूबे रहने के बावजूद कुछ अवशेष सुरक्षित मिले, जिसने इस हादसे की भयावहता को फिर सामने ला दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना केवल एक हादसा नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन चुकी थी, जिन्हें अपने प्रियजनों का अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुआ था।

इस खुलासे के बाद इलाके में भावुक माहौल देखने को मिला। कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे और वर्षों पुराने हादसे को याद कर भावुक हो उठे। पीड़ित परिवार ने भी लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद अपने परिजनों के अवशेष मिलने पर गहरा दुख व्यक्त किया। परिवार द्वारा श्री कीरतपुर साहिब स्थित पातालपुरी में अस्थियों का विसर्जन किया गया।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल भी खड़े करती है कि बड़े जलमार्गों और नहरों के आसपास सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं। साथ ही यह हादसा उन परिवारों के दर्द को भी सामने लाता है, जो वर्षों तक अपने प्रियजनों के लौटने की उम्मीद में जीते रहते हैं। 26 साल बाद मिली यह कार केवल एक वाहन नहीं, बल्कि अधूरी रह गई एक पूरी कहानी का मूक गवाह बनकर सामने आई है।

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