विकसित भारत 2047 को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में हरियाणा अग्रणी, भविष्य की तैयारी आज से कर रही सरकार: नायब सिंह सैनी

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार ने “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को केवल एक सरकारी अभियान या नारे के रूप में नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प के रूप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास इस दृष्टि को कागजों तक सीमित रखने का नहीं, बल्कि इसे धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने का है।

हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन, जोन-2 सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में “डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर” की स्थापना की है। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि सरकार भविष्य की तैयारी को टालने के बजाय आज से ही योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 का हरियाणा कैसा होगा, उसकी विकास नीतियां क्या होंगी, किन क्षेत्रों में सुधार किए जाएंगे और राज्य की प्राथमिकताएं क्या रहेंगी, इन सभी विषयों पर अभी से कार्य किया जा रहा है। इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने “हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047” तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि इस विजन दस्तावेज का अनावरण 24 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार यह दस्तावेज केवल एक नीति-पत्र नहीं, बल्कि आने वाले दो दशकों के लिए हरियाणा के समग्र विकास का विस्तृत रोडमैप है।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय को 40 लाख रुपये से अधिक तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य तय करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास योजनाबद्ध, परिणामोन्मुख और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की तकनीकों को सुशासन से जोड़ने के लिए सरकार ने अर्जुन स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी), विदेशी सहयोग विभाग और हरियाणा इनोवेशन फोरम का गठन किया है। इन संस्थागत पहलों का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीकों और नवाचार आधारित समाधानों को शासन प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर हरियाणा को नवाचार और तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत की यात्रा केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक जन-आंदोलन है। इस अभियान की वास्तविक शक्ति जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों में निहित है। उन्होंने कहा कि जब समाज, सरकार और जनप्रतिनिधि एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तभी बड़े परिवर्तन संभव होते हैं और विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।

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