हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए समन्वित अभियान के तहत हरियाणा के कुख्यात अपराधी और 53 सदस्यीय गैंग के कथित सरगना वेंकट गर्ग को जॉर्जिया से भारत वापस लाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और विदेश में रहते हुए भी अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पुलिस के अनुसार वेंकट गर्ग हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र का निवासी है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, संगठित अपराध, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र सहित कई गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसका गिरोह हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला तथा चंडीगढ़ सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, वेंकट गर्ग को अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था। उसके खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, फायरिंग, गैंग गतिविधियां और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भारत से फरार होने से पहले उसके खिलाफ 23 आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि विदेश भागने के बाद भी उसने अपने कथित गैंग सदस्यों और सहयोगियों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों का संचालन जारी रखा। इसी दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, संगठित अपराध और अवैध हथियारों से जुड़े 11 अतिरिक्त मामले दर्ज किए गए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग द्वारा किए गए चर्चित अपराधों में अंबाला जिले के नारायणगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता हरविलास की हत्या भी शामिल है। इसके अलावा अंबाला और यमुनानगर जिलों में रंगदारी से जुड़े कई फायरिंग कांडों में भी गिरोह का नाम सामने आया था।
अधिकारियों ने बताया कि वेंकट गर्ग वर्ष 2024 में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेश फरार हो गया था और उसके बाद जॉर्जिया में रह रहा था। भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की और लगातार निगरानी के बाद उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार यह अभियान भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB) नई दिल्ली, जॉर्जिया स्थित भारतीय दूतावास तथा कजाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग के चलते आरोपी को भारत लाकर कानून के दायरे में लाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि वेंकट गर्ग से पूछताछ के दौरान उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेशों में मौजूद संपर्कों, वित्तीय स्रोतों और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। जांच एजेंसियां अब उसके खिलाफ दर्ज मामलों की आगे की कार्रवाई और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की दिशा में काम कर रही हैं।
हरियाणा पुलिस इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में सक्रिय अपराधी गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून से बचने के लिए विदेश भागने वाले आरोपियों को भी वापस लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
