विकसित भारत के लक्ष्य में हरियाणा की बड़ी भूमिका, 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर नायब सैनी का जोर

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— हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में हरियाणा अपनी अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, कौशल विकास और नई तकनीकों को मजबूत करके महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने यह बात नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘Financing India’s Journey Towards Viksit Bharat’ सम्मेलन में भाग लेने के बाद कही।

दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, वित्त सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत तालमेल बढ़ाने तथा विकास के लिए सार्वजनिक और निजी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करना था।

हरियाणा के लिए इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास वित्त विभाग भी है। सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और हरियाणा को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सरकार का जोर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में विकास की रणनीति को केवल औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। कृषि, उद्योग, कौशल विकास, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक और कौशल से युवाओं को जोड़ना राज्य में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कृषि क्षेत्र को लेकर सैनी ने फसल खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी नीतियों को राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। हरियाणा की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार की विकास रणनीति में कृषि उत्पादकता, बाजार और किसानों की आय से जुड़े मुद्दों को भी स्थान दिया जा रहा है।

उद्योग और निवेश पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं और इनके माध्यम से राज्य में कई हजार करोड़ रुपये के निवेश आने का दावा सरकार ने किया है। इससे पहले सैनी सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी कर चुकी है।

राज्य सरकार का तर्क है कि उद्योगों में निवेश बढ़ने से उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। इसी कड़ी में कौशल विकास को औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

वित्तीय संसाधनों की भूमिका पर राष्ट्रीय मंथन

नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में विकास के लिए वित्त जुटाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार बैठक में व्यापक आर्थिक स्थिति, कृषि क्षेत्र में परिवर्तन के लिए वित्तपोषण और ऊर्जा संक्रमण के लिए आवश्यक निवेश जैसे विषय प्रमुख रहे। निजी क्षेत्र के वित्तपोषण, राज्यों पर GST 2.0 के प्रभाव, कृषि बाजारों के लिए वित्तीय व्यवस्था तथा अक्षय ऊर्जा और ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों के वित्तपोषण जैसे मुद्दे भी चर्चा के एजेंडे में शामिल थे।

ऐसे में हरियाणा के लिए चुनौती केवल आर्थिक आकार बढ़ाने की नहीं, बल्कि विकास के लिए आवश्यक पूंजी को उत्पादक क्षेत्रों तक पहुंचाने की भी है। कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे, कौशल और तकनीक में निवेश को रोजगार और आय वृद्धि से जोड़ना राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।

‘विकसित हरियाणा’ से ‘विकसित भारत’ तक

सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार की नीतियां देश के विकसित राष्ट्र बनने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। राज्य की ओर से 2047 के लिए तैयार विजन में आर्थिक विस्तार और रोजगार सृजन को प्रमुख स्थान दिया गया है।

हरियाणा पहले से ही कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के मजबूत आधार वाला राज्य है। अब सरकार आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कौशल विकास और नए निवेश क्षेत्रों को जोड़कर अर्थव्यवस्था के अगले चरण की नींव मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

सैनी की सम्मेलन में भागीदारी ने यह संकेत दिया कि हरियाणा की विकास रणनीति को केंद्र की 2047 की आर्थिक दृष्टि से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में इस लक्ष्य की वास्तविक परीक्षा इस बात से होगी कि निवेश, सरकारी वित्त, कृषि सुधार, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन का लाभ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और आम लोगों तक किस हद तक पहुंचता है।

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