मजीठा शराब हादसे के छह पीड़ितों को मिली अस्पताल से छुट्टी, राहत की खबर

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अमृतसर, (कुमार सोनी): मजीठा हलके के गांवों में जहरीली शराब पीने से हुई भयानक दुर्घटना के बाद राहत की खबर सामने आई है। इस हादसे के छह पीड़ितों को, जिन्होंने इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर का रुख किया था, अब डॉक्टरों द्वारा स्वस्थ घोषित कर दिया गया है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ये छह पीड़ित, जिनमें केवल सिंह, गुलजार सिंह, रमन कुमार, मुलख राज, सुबेग सिंह और तरसेम सिंह शामिल हैं, हादसे के गंभीर परिणामों को करीब से देख चुके हैं और अब पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर लौटने के लिए तैयार हैं।

गुरु नानक देव मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. करनजीत सिंह, डीएसपी मनिंदरपाल सिंह और सहायक जनसंपर्क अधिकारी योगेश कुमार ने विशेष रूप से इन मरीजों का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। इन पीड़ितों ने अस्पताल में इलाज के दौरान पंजाब सरकार के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने समय रहते उन्हें इस हादसे से बचाया और तुरंत अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज सुनिश्चित किया।

मजीठा क्षेत्र में हुए इस जहरीली शराब के हादसे में करीब 23 लोगों की जान गई थी। इस घटना ने न केवल मजीठा बल्कि पूरे पंजाब को झकझोर दिया। पुलिस ने इस मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा पंजाब में नशे की तस्करी और शराब के अवैध कारोबार को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। सरकार और पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों और शराब के अवैध कारोबार में लिप्त लोग दंडित किए जा सकें।



जहरीली शराब पीने से मरने वालों में भंगली कलां, पातलपुर, मरारी कलां, थेरेवाल और आसपास के अन्य गांवों के लोग शामिल हैं। मृतकों की सूची में अलग-अलग आयु वर्ग के पुरुष शामिल हैं, जिससे पता चलता है कि इस अवैध धंधे का शिकार हर वर्ग का व्यक्ति हुआ है।

मृतकों की सूची (स्रोत के अनुसार):

  1. मेजर सिंह (पिता प्रीतम सिंह, आयु 45, गांव मरारी कलां)
  2. परमजीत सिंह (पिता लखमन सिंह, आयु 60, गांव मरारी कलां)
  3. तसबीर सिंह (पिता निर्मलजीत सिंह, आयु 37, गांव मरारी कलां)
  4. सुखविंदर सिंह (पिता बलबीर सिंह, आयु 45, गांव मरारी कलां)
  5. सरबजीत सिंह (पिता मोहिंदर सिंह, आयु 38, गांव मरारी कलां)
  6. रोमी (पिता सराबजीत सिंह, आयु 38, गांव पातलपुर)
  7. गंजू राम (पिता किशन चंद, आयु 36, गांव पातलपुर)
  8. करनैल सिंह (पिता दलबिर सिंह, आयु 34, गांव थेरेवाल)
  9. अजीत सिंह (पिता तारु सिंह, आयु 80, गांव थेरेवाल, निंदर कौर के पति)
  10. जोगिंदर सिंह (पिता चानन सिंह, आयु 39, गांव थेरेवाल)
  11. इकबाल सिंह (पिता मंगल सिंह, आयु 45, गांव भंगली कलां)
  12. रमनदीप सिंह (पिता किशोर सिंह, आयु 38, गांव भंगली कलां)
  13. रोबनजीत सिंह (पिता राज सिंह, आयु 38, गांव भंगली कलां)
  14. बलबीर सिंह (पिता पुरन सिंह, आयु 55, गांव भंगली कलां)
  15. राजा (पिता इंदर सिंह, आयु 32, गांव भंगली कलां)
  16. अमरपाल सिंह (पिता बलकर सिंह, आयु 35, गांव तलवंडी खुम्मन)
  17. काका (पिता अमरपाल, आयु 26, गांव करनाला)
  18. गगन (पिता दौलत राम, आयु 35, गांव करनाला)
  19. सतपाल सिंह (पिता वीर सिंह, आयु 55, गांव भंगवान)
  20. जोगिंदर सिंह (पिता फौजा सिंह, आयु 70, गांव भंगली कलां)
  21. मुख्तार सिंह (पिता निरंजन सिंह, आयु 62, गांव भंगवान)
  22. बलकार सिंह (पिता स्वरन सिंह, आयु 45, गांव भंगवान)
  23. साहिब सिंह (पिता सविंदर सिंह, आयु 50, गांव भंगवान)
  24. चानन सिंह (पिता जसवंत सिंह, आयु 42, गांव भंगवान)
  25. दिलबाग सिंह (पिता हरभजन सिंह, आयु 64, गांव भंगवान)
  26. सरवन सिंह (पिता मंगल सिंह, आयु 47, गांव भंगली कलां)
  27. राजेश (पिता प्यारे लाल, आयु 45, गांव गलोवाली कुल्लियां)

इस सूची में 27 लोगों के नाम हैं, जो इस त्रासदी के शिकार हुए हैं। इनमें एक 80 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर 26 वर्षीय युवा तक शामिल हैं। अजीत सिंह की पहचान उनकी पत्नी निंदर कौर के पति के रूप में भी की गई है, जो इस घटना की मानवीय पीड़ा को और गहरा करती है।

प्रशासन और पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस त्रासदी ने अवैध शराब के कारोबार की जड़ों और इसे रोकने में प्रशासन की नाकामी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में मातम का माहौल है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अवैध शराब का सेवन कितना खतरनाक हो सकता है और इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाना कितना जरूरी है। हैं। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में मातम का माहौल है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अवैध शराब का सेवन कितना खतरनाक हो सकता है और इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाना कितना जरूरी है।

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