सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर द्वारा “हर शुक्रवार डेंगू और वार” अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग व छिड़काव सहित चलाई गई एंटी लार्वा गतिविधियाँ

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अमृतसर, 11 जुलाई( राहुल सोनी ) पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के निर्देशानुसार, “हर शुक्रवार डेंगू और वार” अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग और छिड़काव के साथ-साथ एंटी-लार्वा गतिविधियाँ चलाई गईं। जिसके दौरान, स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा शहरी क्षेत्र में 15 टीमें भेजी गईं, जिनमें आशा वर्करों और नर्सिंग छात्राओं की भी मदद ली गई। इन टीमों ने शहर के लगभग सभी क्षेत्रों में पहुँचकर लोगों को डेंगू से बचाव के बारे में जागरूक किया और ग्रामीण क्षेत्रों में आशा वर्करों की टीमों ने पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर “हर शुक्रवार डेंगू वार” अभियान में पूरा सहयोग दिया। इसके साथ ही, इन टीमों ने घर-घर जाकर विभिन्न स्थानों पर कूलर, गमलों, फ्रिज और खड़े पानी में डेंगू के लार्वा की तलाश की। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने कहा कि बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके साथ ही जहां पानी जमा होगा, वहां मच्छर भी पनपेंगे, इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें और सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को हमें अपने घरों में कूलर, फ्रिज, गमले, टंकी, छत पर पड़े बेकार सामान आदि में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि डेंगू से बचने के लिए सबसे जरूरी है मच्छरों को पनपने से रोकना। इसके साथ ही पूरी बाजू के कपड़े वगैरह पहनना और मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का इस्तेमाल करना भी हमें डेंगू से बचा सकता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. हरजोत कौर ने बताया कि डेंगू एक वायरल बुखार है, जो एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। जिसके लक्षण तेज सिरदर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना आम हैं। डेंगू बुखार का संदेह होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच व उपचार करवाएं। इस अवसर पर जिला एमईआईओ अमरदीप सिंह ने आम जनता को डेंगू के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर एसआई सुखदेव सिंह, परमजीत सिंह, बलविंदर सिंह, हरविंदर सिंह, हरमीत सिंह, कुलदीप सिंह, गुरपाल सिंह, रशपाल सिंह, राघव सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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