भारी बारिश से जूझ रहा हिमाचल: 250 सड़कें बंद, तीर्थयात्राएं स्थगित, ऑरेंज अलर्ट जारी

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हिमाचल प्रदेश में इस शुक्रवार मूसलाधार बारिश और उसके बाद जारी चेतावनी ने जनजीवन को थमता हुआ खड़ा कर दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में करीब 250 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें मंडी जिले में 181, सिरमौर में 26, और कुल्लू में 23 सड़कें शामिल हैं । साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित रही—81 ट्रांसफार्मर और 61 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं ।

मॉनसून ने राज्य में भारी तबाही मचा दी है। SEOC ने बताया कि मंडी जिले में इस मानसून में अब तक 357.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई—यह सामान्य से 76% अधिक है । राज्य की औसत बारिश इस जुलाई में 128.5 मिमी रही। इस अत्यधिक बारिश ने भूस्खलन, सड़क जाम, और आपदा के स्वरूप में रूप लिया, और अब तक 110 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 35 लापता बताए जा रहे हैं ।

मौसम विभाग (IMD) ने 21 से 23 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, शिमला, सोलन जिलों में ‘भारी’ से ‘बहुत भारी’ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शनिवार, 20 जुलाई के लिए बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, और शिमला में ‘येलो अलर्ट’ है । इसी बीच, लाहौल-स्पीति प्रशासन ने मनाली–लेह राजमार्ग पर बाइक सवारी पर रोक लगा दी है, और किन्नर कैलाश तीर्थयात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ।

किन्‍नौर प्रशासन ने बताया कि तीर्थयात्रा मार्ग शीतकालीन शिवलिंग की शुद्धता और तीर्थयात्रा यात्रा दोनों के लिए असुरक्षित हो गया है। प्रशासन ने कहा कि जैसे ही मौसम और मार्ग स्थिर स्थिति में होंगे, यात्रा फिर शुरू की जाएगी ।

SEOC ने इस मौजूदा आपदा के कारण राज्य को लगभग ₹1,220 करोड़ का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान जताया है । वहीं बचाव-राहत कार्यों में कई मशीनरी, मनुष्य और प्रशासनिक शक्तियों का समन्वित प्रयास जारी है।

राज्य प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषत: माउंटेनियस क्षेत्रों के लिए—और सभी जिलों की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपात कार्यों को जल्द पूरा करें और जनजीवन सामान्य बनाने में तेजी लाएँ।

हिमाचल प्रदेश में मौसम अब बेहद संवेदनशील है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएँ जारी रहने की संभावना है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने, मौसम अपडेट्स पर नजर रखने, और केवल जरूरी काम के चलते ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सभी संभावित आपदा से निपटने को सजग हैं।

This is a web-generated news report.

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