पंजाब ड्रोन विरोधी प्रणाली तैनात करने वाला देश का पहला राज्य बना -मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान व अरविंद केजरीवाल

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यह पहल नशे के खिलाफ जारी जंग में नया अध्याय लिखेगी: अरविंद केजरीवाल
तरन तारन, 9 अगस्त कुमार सोनी
सीमा पार से नशे की तस्करी रोकने के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान व’आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज ‘बाज आंख’ एंटी-ड्रोन प्रणाली को हरी झंडी दिखाई, जिससे पंजाब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस प्रणाली को तैनात करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। मीडिया से बातचीत करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इस पहल से नशे के खिलाफ मुहिम में एक और शानदार अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की नशा तस्करों से मिलीभगत के कारण यह अभिशाप राज्य में फैल गया था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने नशे के खिलाफ बड़ी जंग छेड़ी है और इस कारोबार में शामिल बड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला गया है।
उन्होंने कहा कि सीमा पार से पंजाब में नशे की सप्लाई की जा रही है और उन्हें रोकने के लिए यह एंटी-ड्रोन प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि पंजाब को इस लानत से मुक्त करने के लिए तीन एंटी-ड्रोन प्रणालियां शुरू की गई हैं और छह और जल्द शुरू की जाएंगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया है।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि नशा तस्करों द्वारा इस गैरकानूनी कारोबार से हासिल की गई संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब की ईमानदार सरकार ने नशे के सबसे बड़े और कुख्यात सौदागरों को सलाखों के पीछे डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ये तस्कर, जो समाज को जहर देकर खुद ऐशो-आराम की जिंदगी जीते हैं, हमारे लोगों के असली दुश्मन हैं और राज्य सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि “युद्ध नशों विरुद्ध ” मुहिम के तहत पंजाब ने आज सीमा पार से नशे की तस्करी रोकने के लिए आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से पंजाब की 553 किलोमीटर सीमा लगती है, जिसे नशा और हथियारों की तस्करी के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक माना जाता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और ड्रोन-आधारित तस्करी से पैदा हुई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नौ एंटी-ड्रोन यूनिट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन यूनिटों पर 51.4 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही हमारे देश की सशस्त्र सेनाएं और बीएसएफ पहले से ऐसी प्रणालियों का उपयोग कर रही हैं, लेकिन पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली सीमा पार से नशा सप्लाई करने वाले तस्करों को कड़ा जवाब देगी। उन्होंने बताया कि देश विरोधी तत्व अक्सर समाज विरोधी गतिविधियों के लिए तकनीक का उपयोग करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश के दुश्मनों ने पंजाब के युवाओं की जिंदगी तबाह करने के लिए ड्रोन को हथियार में बदल दिया है और सीमा पार से नशा तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सीमा पार से नशा तस्करी रोकने के लिए अथक मेहनत करने पर सुरक्षा बलों की सराहना की। उन्होंने बताया कि 2024 में हेरोइन, हथियारों और गोला-बारूद से लदे कुल 283 ड्रोन जब्त किए गए थे और 2025 में अब तक 137 ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पठानकोट से फाजिल्का तक सीमा पर दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में यह एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव व अन्य मौजूद थे।

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