हरियाणा में रेल कनैक्टिविटी का नया दौर,एचओआरसी टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा,कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार

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हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने जा रहा है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक और प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर समेत एचआरआईडीसी की तमाम परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और हरियाणा को देश के प्रमुख अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

हरियाणा के मुख्य सचिव एवं एचआरआईडीसी के अध्यक्ष श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है, जबकि पहले स्वीकृत लागत 5,618 करोड़ रुपये थी। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में नए टाउनशिप के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना माल ढुलाई को तेज करने, परिवहन समय कम करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, परियोजना की 7,070 मीटर लंबी टनल में से 4,349 मीटर यानी लगभग 61 प्रतिशत खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह कार्य न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) के माध्यम से किया जा रहा है। यह टनल एचओआरसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी तेज प्रगति समयबद्ध कार्यान्वयन के प्रति एचआरआईडीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

परियोजना के लिए सभी प्रमुख पर्यावरण और वन स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं, जिससे महत्वपूर्ण नियामकीय बाधाएं दूर हो गई हैं। चरण-1 के तहत वन स्वीकृति अक्टूबर 2025 में प्रदान की गई थी, जबकि गांव रोजका मेव में टनल एलाइनमेंट के लिए स्वीकृति 4 मार्च, 2026 को मिल चुकी है। इसके अलावा 20 मार्च, 2026 को अरावली स्वीकृति भी मिल गई है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है।

हितधारकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एचआरआईडीसी ने पांच जिलों के भूमि मालिकों को कुल 2,273 करोड़ रुपये के मुआवजे में से 1,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 85 प्रतिशत राशि वितरित कर दी है। गुरुग्राम में 99 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है, जबकि नूंह में 94 प्रतिशत मुआवजा वितरित किया गया है। निजी भूमि के लिए 1,346 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जो कुल निजी भूमि मुआवजा राशि का 95 प्रतिशत है।

कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक (केईटी) परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और अप्रैल 2026 में इसके चालू होने की संभावना है। एलिवेटेड वायाडक्ट के सभी 21 स्पैन पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा सिविल, ट्रैक, सिग्नलिंग और ओवरहेड विद्युतीकरण से जुड़े कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। परियोजना को जल्द ही रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नया थानेसर स्टेशन भी अंतिम चरण में है और 10 अप्रैल, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से, सोनीपत से पलवल तक प्रस्तावित ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। फील्ड सर्वे, ड्रोन मैपिंग और यातायात आकलन पूरा कर लिया गया है। संशोधित प्रारूप व्यवहार्यता रिपोर्ट 23 मार्च, 2026 को प्रस्तुत की गई है और वित्तीय विश्लेषण सहित अंतिम रिपोर्ट जल्द आने की संभावना है।

बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा वास्तुकला विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, विशेष सचिव (निगरानी एवं समन्वय) डॉ. प्रियंका सोनी, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 मोहम्मद शाइन तथा एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुखविंदर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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