नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए भारत की तस्वीर, बेटियों के सपने होंगे साकार: नायब सिंह सैनी

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नारी शक्ति वदंन अधिनियम नए भारत  की तस्वीर है जहां पर देश की बेटियों के सपनों को साकार किया जाएगा।  इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें निर्णय लेने की मुख्य धारा में लाता है। यह कानून महिलाओं को केवल भागीदारी नहीं नीति निर्माण में नेतृत्व की भूमिका देता है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को कला एवं सांस्कृतिक विभाग एवं जिला प्रशासन की तरफ से आयोजित 2 दिवसीय राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम कार्यक्रम को ऑन लाईन प्रणाली से सुन रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया। जिसके परिणामस्वरूप आज हरियाणा का लिंगानुपात 871 से सुधरकर 923 तक पहुँच गया है। जब नीति और नीयत सही हो तो समाज में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि हमारी माताओं-बहनों के अटूट विश्वास का प्रतीक है। आज हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में चाहे वह खेल हो, शिक्षा हो या रक्षा, तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री के नारी शक्ति वंदन के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार महिलाओं को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी, 2015 को पानीपत की ऐतिहासिक धरा से की गई। इस स्कीम के तहत पूरे देश में 4 करोड़ 20 लाख सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए। हरियाणा में भी 9 लाख 56 हजार खाते खोले गए हैं। रक्षा सेवाओं में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान किया गया। सैनिक स्कूलों में बेटियों के प्रवेश को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने लखपति दीदी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की हैं। देश की 10 करोड़ महिलाओं को 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया गया है। हरियाणा में 6 लाख 30 हजार महिलाओं को 63 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। प्रदेश सरकार ने बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 68 हजार बहन-बेटियों को 1 हजार 38 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

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