पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते विफल कर दिया है, जो राज्य की शांति और सामरिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती थी। पाकिस्तान समर्थित गुप्तचर एजेंसी तथा खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की गतिविधियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने पटियाला और अमृतसर इकाइयों के संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में तरनतारन जिले के गांव पंजवड़ खुर्द से अत्याधुनिक और घातक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।
पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव के अनुसार, बरामद सामग्री में रॉकेट प्रक्षेपित ग्रेनेड, चिपकने वाला विस्फोटक यंत्र, बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड, उन्नत पिस्तौलें, संचार उपकरण और टाइमर जैसे उपकरण शामिल हैं। यह सभी सामग्री किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी की ओर संकेत करती है, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
पूरे मामले की कड़ी उस घटना से जुड़ी है, जिसमें पटियाला जिले के शंभू क्षेत्र के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जगरूप सिंह नामक व्यक्ति रेलवे लाइन पर विस्फोटक लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही विस्फोट हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया और गहन जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस मॉड्यूल से जुड़े चार कट्टरपंथी आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें प्रदीप सिंह, कुलविंदर सिंह, सतनाम सिंह और गुरप्रीत सिंह शामिल हैं। इनके पास से भी हथियार, संचार उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी। बाद में गिरफ्तार आरोपी सतनाम सिंह की पूछताछ के आधार पर गांव पंजवड़ खुर्द में छिपाए गए हथियारों के बड़े भंडार का पता चला, जहां से यह ताजा बरामदगी हुई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क को विदेश से संचालित किया जा रहा था। मलेशिया के माध्यम से आर्थिक सहायता भेजी जा रही थी और ‘जुझार सिंह’ नाम से संचालित एक व्यक्ति इस पूरे तंत्र का संचालन कर रहा था। इसके अलावा, अमेरिका में बैठे एक अन्य व्यक्ति तथा पाकिस्तान में मौजूद एक घोषित आतंकी के साथ भी इस नेटवर्क के संपर्क होने के संकेत मिले हैं। यह बहुस्तरीय नेटवर्क विभिन्न देशों से संचालित होकर भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मॉड्यूल का संबंध पहले हुई अन्य घटनाओं से भी है, जिनमें रेलवे ट्रैक पर विस्फोट और सुरक्षा एजेंसियों पर हमले शामिल हैं। यदि यह कड़ी जुड़ती है, तो यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा साबित हो सकता है।
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने हथियारों को छिपाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का इस्तेमाल किया, जहां उन्हें संदेह से दूर रखा जा सके। संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन ठिकानों पर छापेमारी की और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद कर ली।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां राज्य में सक्रिय आतंकी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी खतरे को समय रहते निष्क्रिय करने के लिए समन्वित तरीके से कार्य कर रही हैं। साथ ही, यह भी स्पष्ट होता है कि सीमा पार से संचालित नेटवर्क भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए लगातार सतर्कता और कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

