समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर कई मोर्चों पर सीधा हमला बोला और सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने प्रशासनिक फैसलों, किसानों की स्थिति, बिजली व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने एक वीडियो प्रस्तुत किया, जिसमें Etawah Lion Safari से जुड़ी कथित लापरवाही और वहां के संसाधनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों के संरक्षण के बजाय उनका राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है, जो चिंताजनक है।
बिजली व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया गया है। उनके अनुसार, बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोग विरोध कर रहे हैं, जिसके चलते कई जगहों पर मीटर हटाने और फेंकने तक की घटनाएं सामने आईं, और बाद में सरकार को जांच समितियां गठित करनी पड़ीं।
भाजपा पर हमला तेज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की राजनीति समाज में विभाजन पैदा करने वाली है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है, लेकिन अब जनता धीरे-धीरे इन रणनीतियों को समझने लगी है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार द्वारा आलू खरीद के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस खरीद नहीं हो रही। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी अब तक सिर्फ कागजों तक सीमित है।
राजनीतिक रणनीति पर अपने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जमीनी स्तर पर मेहनत जरूरी है, न कि सर्वेक्षणों पर भरोसा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और जनता से सीधा संपर्क बनाए रखने की सलाह दी।
अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में न्यायपालिका को हस्तक्षेप करना पड़ा है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
इसके अलावा, उन्होंने नहरों में पानी की स्थिति, सफाई व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव दिखाई नहीं देता।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिया कि आगामी चुनावों को लेकर उनकी पार्टी पूरी तरह सक्रिय है और सरकार के खिलाफ मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।


