तीन मरीजों की मौत, 24 घंटे में मांगी गई रिपोर्ट, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह

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जालंधर सिविल अस्पताल में रविवार देर रात जो हादसा हुआ, उसने पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तकनीकी गड़बड़ी के चलते ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई, जिससे तीन मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई। यह त्रासदी उस समय सामने आई जब ऑक्सीजन प्लांट नंबर 2 का कंप्रेसर अचानक बंद हो गया और वैकल्पिक प्लांट को समय रहते चालू नहीं किया जा सका। नतीजतन, ट्रॉमा वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह रुक गई, जिससे उनमें से एक महिला, जो सांप के काटे जाने पर भर्ती थी, एक ड्रग ओवरडोज का शिकार युवक और एक टीबी मरीज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और देर रात अस्पताल पहुंचे पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्थिति का स्वयं जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर घटनाक्रम की गंभीरता पर चर्चा की और साफ निर्देश दिए कि इस मामले की गहन जांच कर 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी से बचने का प्रयास पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस घटना को ‘बहुत ही दुखद और अस्वीकार्य’ करार दिया और कहा कि किसी भी नागरिक की जान सिर्फ इसलिए नहीं जानी चाहिए क्योंकि सिस्टम की निगरानी और तकनीकी जिम्मेदारी निभाने में चूक हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर ऑक्सीजन जैसी जीवन रक्षक व्यवस्थाएं हमेशा सतर्क निगरानी में रहनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी न दोहराई जाए।

इस बीच अस्पताल प्रशासन ने भी मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और विशेष तकनीकी टीम को प्लांट में आई खराबी के कारणों की जांच के लिए लगाया गया है। मेडिकल अधीक्षक डॉ. राज कुमार ने पुष्टि की है कि ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी खामी और दूसरी यूनिट को चालू न करना ही इस त्रासदी का कारण बना। स्वास्थ्य विभाग ने दोषियों की पहचान और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह घटना न केवल सरकारी अस्पतालों की तकनीकी और प्रबंधन व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समय रहते सही कदम न उठाना कितनी बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है। सरकार ने इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों की ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।

यह एक ऑटो वेब-जनरेटेड न्यूज़ वेब स्टोरी है।
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