
सेक्टर-20 के शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की प्रिंसिपल पर हरियाणा सरकार का एक्शन; नियम-5 के तहत तत्काल निलंबन, अंबाला DEO कार्यालय रहेगा मुख्यालय
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छह वर्षीय केजी छात्रा के साथ हुई बर्बर मारपीट के मामले में हरियाणा सरकार ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 1 नवंबर को जारी आदेश के तहत यह कार्रवाई हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के अंतर्गत की गई है। इससे पहले स्कूल की दो शिक्षिकाओं को भी निलंबित किया जा चुका है।
यह घटना 28 अक्टूबर की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले आठ वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर छह वर्षीय बच्ची पर ईंट और अन्य वस्तुओं से हमला किया था। आरोप है कि बच्ची को पहले एक खाली कक्षा में ले जाया गया, जहां उसके सिर पर बार-बार वार किए गए और उसे बेंच से टकराया गया। घटना दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई और स्कूल के CCTV कैमरों में कैद हुई। हमले के बाद बच्ची बेहोश हो गई थी। उसे पहले पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए PGIMER, चंडीगढ़ रेफर किया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, बच्ची की हालत खतरे से बाहर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है।
प्रिंसिपल के निलंबन से पहले स्कूल की दो शिक्षिकाओं को भी सस्पेंड किया गया था। ये शिक्षिकाएं केजी और तीसरी कक्षा से संबंधित थीं। इसके अतिरिक्त, पंचकूला पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल, संबंधित कक्षा प्रभारी और चौकीदार के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रशासन की ओर से लापरवाही के संकेत मिले हैं। मामले में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(b) के तहत कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
निलंबन अवधि में अंबाला रहेगा प्रिंसिपल का मुख्यालय
निलंबन आदेश के अनुसार, प्रिंसिपल नीलू को निलंबन अवधि के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला के कार्यालय में रिपोर्ट करना होगा। वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम-83 के तहत नियमानुसार गुजारा भत्ता दिया जाएगा। आदेश प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, विजय सिंह दहिया की ओर से जारी किया गया है।
पांच सदस्यीय कमेटी कर रही जांच, स्कूल सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), पंचकूला की अगुवाई में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति CCTV फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेगी और यह पता लगाएगी कि घटना के समय संबंधित शिक्षक, सहायक कर्मचारी और विशेष शिक्षक ड्यूटी पर मौजूद थे या नहीं। इसके साथ ही स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था, घायल बच्ची को प्राथमिक उपचार देने तथा अस्पताल पहुंचाने में हुई संभावित देरी और शिक्षा मंत्रालय के 2021 के स्कूल सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुपालन की भी जांच की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा भी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक हुए इलाज पर खर्च हुई 25 हजार रुपये की राशि बच्ची के पिता को वापस की जा चुकी है। उधर, मामले में कथित रूप से हमला करने वाले नाबालिग छात्र को किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। उसकी अगली पेशी 4 नवंबर निर्धारित की गई है।
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, कक्षाओं की निगरानी और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना होगा कि स्कूल परिसर में इतनी गंभीर घटना कैसे हुई, बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित व्यवस्थाएं क्यों प्रभावी नहीं रहीं और घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कोई चूक हुई या नहीं।
तथ्य-जांच का महत्वपूर्ण पहलू: प्रिंसिपल का निलंबन घटना के बाद हुई कार्रवाई है, लेकिन उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार निलंबन आदेश में इस घटना को कार्रवाई का स्पष्ट कारण विस्तार से दर्ज नहीं किया गया है। इसलिए निलंबन को अंतिम रूप से दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए। मामले में पुलिस और विभागीय जांच अभी जारी है
