पीर निगाह से नैना देवी जा रहे श्रद्धालुओं का ट्रक खाई में गिरा, करीब 50 घायल; एक से अधिक गंभीर मरीज PGI रेफर

Date:

Share post:

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में मंगलवार सुबह धार्मिक यात्रा उस समय त्रासदी में बदल गई, जब प्रसिद्ध पीर निगाह धार्मिक स्थल के पास श्रद्धालुओं से भरा एक मालवाहक वाहन गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में करीब 50 श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं और वे हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों से आए थे। अस्पताल पहुंचाए गए घायलों में कई को फ्रैक्चर समेत अन्य चोटें आई हैं, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

हादसा पीर निगाह मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर उस समय हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और भंडारे के बाद माता नैना देवी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वाहन उतराई पर एक तीखे मोड़ को पार करते समय चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। इसके बाद वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की वजह की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ ही क्षणों में अफरा-तफरी फैल गई। खाई में गिरे वाहन से मदद की आवाजें आने लगीं और आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक और चिकित्सा टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और बचाव दलों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया।

ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में घायलों के पहुंचने के साथ ही चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बड़ी संख्या में घायलों का उपचार किया जा रहा है। कई मरीजों को चोटों और फ्रैक्चर के कारण चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र भेजा गया है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम एक गंभीर मरीज को PGI चंडीगढ़ रेफर किए जाने की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में तीन गंभीर घायलों को PGI भेजे जाने की जानकारी सामने आई।

प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार, वाहन पीर निगाह से नीचे की ओर उतर रहा था, तभी एक मोड़ पर अचानक नियंत्रण बिगड़ गया। यात्रियों के लिए यह सब इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। वाहन के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तत्काल सहायता के लिए दौड़ लगाई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं का यह जत्था रविवार को पीर निगाह पहुंचा था। उन्होंने धार्मिक स्थल पर माथा टेकने के साथ भंडारे का आयोजन भी किया था। मंगलवार सुबह उनकी आगे की धार्मिक यात्रा माता श्री नैना देवी और श्री आनंदपुर साहिब की ओर जाने की थी। इसी यात्रा के दौरान पीर निगाह से निकलने के कुछ ही समय बाद यह दुर्घटना हो गई।

इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा और मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं के सफर से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों में दुर्घटनाग्रस्त वाहन को मालवाहक वाहन और 14-टायर वाला वाहन बताया गया है। ऐसे वाहनों में यात्रियों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा और परिवहन नियमों की निगरानी का मुद्दा भी अब जांच के दायरे में आ सकता है। हालांकि, हादसे के लिए किसी विशेष नियम के उल्लंघन या चालक की गलती को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

पीर निगाह और आसपास के धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या धार्मिक आयोजनों और छुट्टियों के दौरान बढ़ जाती है। पहाड़ी मार्गों की तीखी ढलान, संकरे मोड़ और कई स्थानों पर सीमित सड़क चौड़ाई ऐसे सफर को अतिरिक्त सावधानी की मांग करती है। मंगलवार की दुर्घटना ने इसी चुनौती को बेहद दर्दनाक तरीके से सामने ला दिया है।

फिलहाल प्राथमिकता घायलों के उपचार और उनके परिजनों तक सही जानकारी पहुंचाने की है। प्रशासन की ओर से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही है। ऊना के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

धार्मिक यात्रा पर निकले इन परिवारों के लिए मंगलवार की सुबह अचानक भय और अनिश्चितता में बदल गई। जिन लोगों ने दो दिन पहले आस्था और भंडारे के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी, उनमें से कई अब अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। हादसे ने यह भी याद दिलाया है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी सुरक्षित परिवहन, वाहन की उपयुक्तता और पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता सुनिश्चित करना है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे वाहन की तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति, चालक का नियंत्रण खोना या कोई अन्य कारण था। लेकिन फिलहाल सबसे अहम चिंता यही है कि घायल श्रद्धालुओं को समय पर और बेहतर चिकित्सा मिले और जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें आवश्यक विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Filmmaker Kuku Kohli Dies at 77, Had Given Ajay Devgn His Big Break

Mumbai. The Hindi film industry is mourning the death of filmmaker Kuku Kohli, who passed away at the...

21 दिन की फरलो पर फिर जेल से बाहर राम रहीम, 2017 के बाद 17वीं अस्थायी रिहाई; बार-बार मिल रही राहत पर फिर उठे...

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर है। रोहतक की सुनारिया...

Haryana’s Lakeside Revival: Saini Orders Scientific Treatment of Wastewater Before It Enters Village Ponds

Haryana is turning its attention to one of the most familiar yet increasingly vulnerable features of rural life—the...

हरियाणा आपसे दूर नहीं, सुख में, संकट में, अवसर में और उत्तरदायित्व में हरियाणा आपके साथ एक परिवार की तरह खड़ा है : मुख्यमंत्री नायब...

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा से बाहर रह रहे हरियाणवी केवल प्रवासी नहीं, बल्कि हरियाणा...