प्रतिभा सिंह का मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक, परिचितों से पैसों की मांग; साइबर सेल में शिकायत दर्ज

Date:

Share post:

शिमला।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह का मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट कथित तौर पर हैक किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर ठग उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर लोगों से पैसों की मांग कर रहे हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद साइबर अपराध की आशंका को देखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और शिमला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

प्रतिभा सिंह, जो प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी हैं, ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को इस साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया है तथा उनके नंबर का इस्तेमाल कर लोगों से धनराशि मांगी जा रही है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके नाम या मोबाइल नंबर से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता या पैसों की मांग की जाती है, तो उस पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार का ऑनलाइन लेनदेन न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में साइबर अपराध शाखा में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं प्रतिभा सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने भी सोशल मीडिया पर लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि उनकी माता का मोबाइल फोन हैक कर लिया गया है और यदि कोई व्यक्ति उनके नाम से पैसे मांगता है तो किसी भी स्थिति में धनराशि न भेजें। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की शिकायत साइबर सेल को सौंप दी गई है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों को उजागर करता है, जो अब सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं में साइबर ठग पहले मोबाइल या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक अनधिकृत पहुंच बनाते हैं और फिर परिचितों, रिश्तेदारों या समर्थकों को तत्काल सहायता के नाम पर धनराशि भेजने के लिए संदेश भेजते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से प्राप्त आर्थिक सहायता संबंधी संदेश या कॉल पर बिना पुष्टि किए विश्वास न करें। यदि इस प्रकार का कोई संदेश प्राप्त होता है, तो संबंधित व्यक्ति से किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर उसकी सत्यता अवश्य जांचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को दें।

शिमला पुलिस फिलहाल मामले के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हैकिंग किस माध्यम से की गई तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर साइबर अपराध शाखा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

पंजाब बंद के बहाने 2027 की सियासत का नया मंच: बंदी सिंहों के मुद्दे पर किसे मिलेगा सियासी फायदा?

प्रवीण सोनी पंजाब में 21 अगस्त को बुलाया गया बंद महज एक दिन का विरोध प्रदर्शन नहीं है।...

Punjab Bandh: Qaumi Insaaf Morcha Shutdown Begins Peacefully, Mixed Response Across State

Punjab witnessed a statewide bandh on Friday, August 21, after the Qaumi Insaaf Morcha called for a seven-hour...

हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर विनोद पानू की हत्या, दिनदहाड़े गोलीबारी से मची दहशत

हिसार: हरियाणा के हिसार जिला अदालत परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेशी के...

Imran Khan Shifted to Islamabad Hospital Following Supreme Court Order

Pakistan’s former prime minister and Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) founder Imran Khan was shifted from Adiala Jail to Shifa...