चंडीगढ़ स्थित हरियाणा लोक भवन में रविवार को एक ऐसा समारोह आयोजित हुआ, जिसने केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं मनाया, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, नेतृत्व, मातृत्व और सामाजिक योगदान को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में नई पहचान बनाई है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के फैशन टेक्स टेक फोरम और फेमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘मॉमप्रेन्योर्स – मातृ शक्ति सम्मान 2026’ समारोह में देशभर से आईं विशिष्ट महिला उपलब्धिकारियों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं की बदलती भूमिका, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी पर एक व्यापक विमर्श का मंच भी बना। कार्यक्रम में कला, संस्कृति, मीडिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल, उद्यमिता और समाज सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने पेशेवर जीवन की चुनौतियों के साथ-साथ परिवार और मातृत्व की जिम्मेदारियों को भी सफलतापूर्वक निभाया है।
समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित और संवेदनशील समाज की आधारशिला महिलाओं की शक्ति, उनकी दूरदृष्टि और उनके योगदान पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति और समावेशी विकास की अनिवार्य शर्त भी है। उन्होंने सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सभ्य और प्रगतिशील समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित होने वाली महिलाएं त्याग, संघर्ष, नेतृत्व और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश की महिलाओं ने राजनीति, विज्ञान, खेल, उद्यमिता और प्रशासन सहित लगभग हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और राष्ट्र निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। हरियाणा सरकार भी महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को अब महिलाओं को केवल सम्मान देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए भी सक्रिय प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई के रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम की चेयरपर्सन हिमानी अरोड़ा ने कहा कि समाज में ऐसी महिलाओं की पहचान और सम्मान अत्यंत आवश्यक है, जो अपने नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों से दूसरों के लिए प्रेरणा बनती हैं। उन्होंने कहा कि मातृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता के बीच संतुलन स्थापित करने वाली महिलाएं वास्तव में सशक्तिकरण की सबसे प्रभावशाली प्रतीक हैं।
फेमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार की संस्थापक मीतू पुरी ने कहा कि माताएं केवल परिवारों का पालन-पोषण नहीं करतीं, बल्कि वे समाज में बदलाव लाने वाली, नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली और नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ने वाली शक्ति भी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानना और उन्हें उचित मंच प्रदान करना एक समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में देश की कई प्रतिष्ठित महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें प्रसिद्ध पंजाबी फिल्म अभिनेत्री पद्मश्री निर्मल ऋषि, लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त पहलवान गीता फोगाट, सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण, वरिष्ठ पत्रकार रुबिका लियाकत तथा राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, व्यापार, खेल और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की प्रबंध निदेशक उपासना अरोड़ा, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नूपुर श्योराण, प्रसिद्ध साड़ी ड्रेपिंग विशेषज्ञ डॉली जैन, प्रमुख उद्यमी अंजू आहूजा सहित अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और महिला उद्यमी शामिल थीं।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष ने महिलाओं के अदम्य साहस और उनके बहुआयामी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आज की महिला केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के विकास की सक्रिय भागीदार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच महिलाओं को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई और फेमप्रेन्योर्स राइजिंग स्टार द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, प्रथम महिला श्रीमती मित्रा घोष और श्रीमती सुमन सैनी को भी सम्मानित किया गया। समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, पीएचडीसीसीआई पंजाब चैप्टर के चेयरमैन करण गिलहोत्रा, डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ, वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक भारती सूद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि महिलाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि वह पूरे समाज को आगे बढ़ाने वाली शक्ति बन जाती है। बदलते भारत में महिलाओं की भूमिका अब सहयोगी भर नहीं, बल्कि नेतृत्वकारी बन चुकी है। चंडीगढ़ में आयोजित यह सम्मान समारोह इसी बदलते सामाजिक परिदृश्य का एक सशक्त प्रतिबिंब बनकर उभरा, जहां मातृत्व, नेतृत्व, उद्यमिता और सामाजिक परिवर्तन की कहानियों को एक साथ सम्मान और पहचान मिली।
