सिरसा में मिसाइल जैसे धमाके से दहशत, खेतों में मिले ड्रोन के टुकड़े

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भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच हरियाणा के सीमावर्ती जिले सिरसा में शनिवार की रात एक जोरदार धमाके से लोग सहम गए। देर रात तेज रोशनी के साथ हुए इस धमाके की आवाज ने आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया। धमाका इतना तीव्र था कि आसपास के गांवों के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना के कुछ देर बाद ही सिरसा के दो गांवों—फिरोजाबाद और ख्वाजा खेड़ा—के खेतों में मिसाइल जैसे दिखने वाले संदिग्ध टुकड़े पाए गए, जिनकी बनावट और संरचना को देखकर विशेषज्ञों ने इन्हें ड्रोन मिसाइल के अवशेष बताया है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सीमा पर तनाव पहले से ही चरम पर है और भारत की संवेदनशील सीमाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सिरसा जैसे शांत और कृषि प्रधान क्षेत्र में इस प्रकार की सैन्य गतिविधि या उसका कोई हिस्सा आ गिरना, न केवल स्थानीय सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि दुश्मन देश अब सामान्य इलाकों को भी डराने के उद्देश्य से निशाना बना सकते हैं।

रात में अचानक हुए इस धमाके ने सिरसा के ग्रामीणों को गहरी चिंता में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात करीब 1 बजे के आसपास एक तीव्र रोशनी के साथ तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरा इलाका थर्रा उठा। कई घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक कंपन से हिलने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले ऐसा धमाका कभी नहीं सुना था। भयभीत बच्चे पूरी रात जागते रहे और कई बुजुर्गों ने तो घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रात गुजारी।

जब सुबह ग्रामीण खेतों की ओर गए, तो वहां उन्हें कुछ भारी और जले हुए धातु के टुकड़े पड़े मिले। इन टुकड़ों की सूचना मिलते ही पुलिस, एयरफोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं और क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। विशेषज्ञों ने इन टुकड़ों को ड्रोन मिसाइल के हिस्से के रूप में पहचाना है, जो संभवतः सीमा पार से भेजे गए किसी सैन्य उपकरण का हिस्सा हो सकते हैं।

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता देखी गई और एयरफोर्स के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। आम लोगों को क्षेत्र से दूर रखा गया और जांच के लिए अवशेषों को कब्जे में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर यह मलबा कहां से आया और इसका उद्देश्य क्या था।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह हमला पाकिस्तान की ओर से हुआ है, तो यह भारत के हृदयस्थल तक सैन्य तकनीक पहुंचने का गंभीर संकेत है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा को नए सिरे से परखा जाए और हाई-अलर्ट पर रखा जाए। सिरसा की यह घटना महज एक सैन्य गतिविधि नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि खतरा अब सीमाओं तक सीमित नहीं रहा।

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यह एक ऑटो वेब जनरेटेड न्यूज़ वेब स्टोरी है।

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