हरियाणा में 100 बड़ी विकास परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सीधी निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन पर सरकार का फोकस

Date:

Share post:

हरियाणा में विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने व्यापक आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालिक प्रभाव वाली 100 प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें उच्चस्तरीय निगरानी के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री हर महीने करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी, तकनीकी बाधा या अंतर-विभागीय समन्वय की कमी को तुरंत दूर किया जा सके। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हरियाणा में अब बड़ी परियोजनाएं वर्षों तक लंबित नहीं रहेंगी, बल्कि तय माइलस्टोन के अनुसार तेज गति से आगे बढ़ेंगी।

चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक चयनित परियोजना के लिए संबंधित विभाग के चार से पांच वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो नियमित रूप से परियोजना की प्रगति, लक्ष्य और संभावित विलंब की समीक्षा करेगी। यह टास्क फोर्स माइलस्टोन आधारित निगरानी प्रणाली अपनाएगी और यदि किसी परियोजना में देरी होती है तो उसके कारणों की पहचान कर तत्काल समाधान सुनिश्चित करेगी। आवश्यकता पड़ने पर विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी भी इसी तंत्र की होगी।

राज्य सरकार का मानना है कि सुशासन की अवधारणा तभी सशक्त होती है जब घोषणाएं धरातल पर समय पर पूरी हों और जनता को उसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में सरकार विकास को राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बना रही है। पिछले कुछ समय से अधोसंरचना, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं चर्चा में रही हैं, जिनके समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विपक्ष भी सवाल उठाता रहा है। ऐसे में 100 प्रमुख परियोजनाओं की सीधी निगरानी का फैसला प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी ऐसी परियोजनाओं की सूची शीघ्र तैयार कर हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम को भेजें, जिनका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव व्यापक और दीर्घकालिक हो। स्पष्ट रूप से कहा गया कि सूची में केवल उन्हीं परियोजनाओं को शामिल किया जाए जो राज्य के विकास पर ठोस और मापनीय असर डालें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निगरानी तंत्र केवल औपचारिकता न बनकर परिणाम आधारित ढंग से काम करे।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बैठक में कुछ प्रमुख परियोजनाओं की प्रस्तुति देते हुए रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा आधारित समीक्षा से परियोजनाओं की प्रगति पारदर्शी बनेगी और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी। सरकार का उद्देश्य केवल परियोजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देना है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरियाणा में आगामी समय में विकास, निवेश और रोजगार सृजन बड़े मुद्दे बने रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विकास परियोजनाओं की प्रगति को अपनी प्राथमिकता बनाकर यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी सरकार परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध है। 100 प्रमुख परियोजनाओं की मासिक समीक्षा की व्यवस्था प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही के नए मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जो यदि प्रभावी ढंग से लागू हुई तो राज्य में विकास की रफ्तार को नई दिशा दे सकती है।

This is a web generated news report.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Municipal Verdict Sends a Powerful Signal: BJP Seizes Momentum Ahead of Himachal’s 2027 Electoral Battle

The results of the Municipal Corporation elections in Himachal Pradesh have delivered far more than a routine local...

मातृ शक्ति से नेतृत्व तक: चंडीगढ़ में सम्मानित हुईं देश की प्रेरणादायी महिलाएं, उपलब्धियों और संघर्षों को मिला राष्ट्रीय मंच

चंडीगढ़ स्थित हरियाणा लोक भवन में रविवार को एक ऐसा समारोह आयोजित हुआ, जिसने केवल उपलब्धियों का उत्सव...

Himachal Pradesh Pushes Major Healthcare Upgrade with ₹100 Crore Himcare Relief and Ambitious Modernisation Drive

In a significant move aimed at strengthening public healthcare delivery and easing financial pressures within the state's medical...

Ghaziabad Student Murder Case: Main Accused Dies in Police Encounter as Questions Over Youth Violence Intensify

The killing of a 17-year-old school student in Ghaziabad has taken a dramatic turn after the main accused...