हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक किया जाएगा- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

Date:

Share post:

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने घोषणा की है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण  का कार्यक्रम जारी कर दिया है। मतदाता सूचियों का यह विशेष गहन पुनरीक्षण 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक शुरू होने जा रहा है, और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

श्री ए. श्रीनिवास आज चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित नए हरियाणा सिविल सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने सूचित किया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में ‘गणना फॉर्म’ वापस नहीं मिले हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी पड़ोस के निवासियों से पूछताछ कर “अनुपस्थित”, “स्थानांतरित”, “मृत”, या “डुप्लिकेट” जैसे संभावित कारणों की पहचान कर सकते हैं और उसी के अनुसार रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं। बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे जानकारी एकत्र करने के लिए ऐसे प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हैं, उनकी बूथ-वार सूची पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि जनता की इन सूचियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इन सूचियों को संकलित करने और उन्हें सीईओ की वेबसाइट पर सुलभ प्रारूप में अपलोड करने के साथ-साथ संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी ऐसी ही सूचियां अपलोड करने का निर्देश दिया है।

घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया के दौरान, बीएलओ को नए मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए कम से कम 30-40 खाली फॉर्म-6 आवेदन और खाली घोषणा पत्र (अनुबंध-4) साथ ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर के एजेंट 1 और 2 नियुक्त करने का आग्रह किया। अब तक, सीईओ कार्यालय को 14,520 बीएलए का विवरण प्राप्त हुआ है, जिनमें भाजपा से 6,438, कांग्रेस से 7,704, माकपा से 165 और बाकी अन्य राजनीतिक दलों के हैं। बीएलए भी मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र कर बीएलओ को सौंप सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में श्री श्रीनिवास ने बताया कि हरियाणा में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में आयोजित किया गया था। गणना फॉर्म 15 जून, 2026 से आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी जिला मुख्यालयों और निर्वाचन क्षेत्रों में एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1950 स्थापित किया गया है। यह हेल्पलाइन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दो पालियों में काम करेगी।

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान कोई मतदाता मौजूद नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य फॉर्म पर हस्ताक्षर करके उसे बीएलओ को सौंप सकता है।

सीईओ ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी (स्पेलिंग) की गलतियां शामिल हैं। 21 मई, 2026 तक हरियाणा में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 2,06,52,760 है, जबकि मतदान केंद्रों की कुल संख्या 20,629 है।

उन्होंने बताया कि अब तक 1,32,51,717 मतदाताओं की चुनावी मैपिंग) पूरी हो चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 64.16 प्रतिशत है। फतेहाबाद 86.56 प्रतिशत मैपिंग के साथ सबसे आगे है, इसके बाद चरखी दादरी 82.36 प्रतिशत, सिरसा 80.82 प्रतिशत, कैथल 78.59 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ 77.20 प्रतिशत, नूह 77.01 प्रतिशत, भिवानी 76.61 प्रतिशत, यमुनानगर 75.81 प्रतिशत, रेवाड़ी 74.98 प्रतिशत, हिसार 73.82 प्रतिशत और जींद 71.93 प्रतिशत पर हैं।

इसी तरह कुरुक्षेत्र ने 69.71 प्रतिशत, करनाल 68.13 प्रतिशत, पलवल 67.04 प्रतिशत, झज्जर 64.07 प्रतिशत, अंबाला 63.45 प्रतिशत, रोहतक 59.72 प्रतिशत, पानीपत 58.88 प्रतिशत, सोनीपत 58.39 प्रतिशत, पंचकुला 51.20 प्रतिशत, गुरुग्राम 35.06 प्रतिशत और फरीदाबाद 29.66 प्रतिशत मैपिंग हासिल की है।

श्री श्रीनिवास ने कहा कि सभी उपायुक्तों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष रूप से फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकुला की ऊंची इमारतों/सोसायटियों में बीएलओ की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने दोहराया कि एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों पर कोई अनुचित दबाव नहीं होगा और यह अभ्यास सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा। राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी ईसीआई के निर्देशों के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में अधिसूचित कोई भी पद खाली नहीं रहेगा। इसके अलावा, एसआईआर कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी व कर्मचारी तबादला आयोग की पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जाएगा।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान और सीईओ कार्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

छह उपचुनावों में आज मतदान, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की साख पर भी नजर; विवाद और विरोध के बीच बड़ा संस्थागत टेस्ट

देश के तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की छह सीटों पर आज हो रहे उपचुनाव महज...

Six Bypolls Today: Nandigram, Tamil Nadu and Nagaon Contests Put New Political Order Under Scrutiny

Voters in four regions will go to the polls on Tuesday in six closely watched by-elections, comprising five...

असम और मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, कुछ मिनट के अंतराल में दो बार हिली धरती

देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मंगलवार तड़के लगातार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। असम के नगांव और मणिपुर...

Supreme Court Seeks Election Commission Response on Plea Challenging CEC Gyanesh Kumar’s Alleged Unilateral Exercise of Powers

The Supreme Court on Monday sought a response from the Election Commission of India on a petition questioning...