एनएचपीसी के निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह को ‘हाइड्रो विभूषण’ सम्मान, जलविद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व को राष्ट्रीय पहचान

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देश के जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) संजय कुमार सिंह को प्रतिष्ठित ‘हाइड्रो विभूषण’ सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित 18वें हाइड्रो विज़न कॉन्क्लेव के दौरान प्रदान किया गया, जहां देशभर के ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

यह सम्मान ‘हाइड्रोपावर फोरम ऑफ इंडिया’ (HYFI) द्वारा इनेर्शिया (ENERTIA) फाउंडेशन और रिन्यूएबल एनर्जी प्रमोशन एसोसिएशन (REPA) के सहयोग से आयोजित ‘18वें इंडिया हाइड्रो एंड पीएसपी अवॉर्ड्स-2026’ के तहत प्रदान किया गया। संजय कुमार सिंह को जलविद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान, जटिल परियोजनाओं के सफल नेतृत्व और उत्कृष्ट परियोजना प्रबंधन के लिए इस राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया।

24 जुलाई 2024 से एनएचपीसी में निदेशक (परियोजनाएं) का दायित्व संभाल रहे संजय कुमार सिंह देश के अनुभवी सिविल इंजीनियरों में गिने जाते हैं। ऊर्जा और आधारभूत संरचना क्षेत्र में तीन दशक से अधिक के उनके अनुभव ने एनएचपीसी की कई रणनीतिक परियोजनाओं को नई गति प्रदान की है।

उनके नेतृत्व में एनएचपीसी ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 800 मेगावाट की पार्बती-II जलविद्युत परियोजना का सफल संचालन, 300 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का विकास तथा 2,000 मेगावाट क्षमता वाली सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की चार इकाइयों (प्रत्येक 250 मेगावाट) का चरणबद्ध रूप से संचालन शुरू होना प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इन परियोजनाओं ने न केवल एनएचपीसी की उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को भी नई मजबूती प्रदान की है।

संजय कुमार सिंह ने केवल परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि अनेक रणनीतिक जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उनके नेतृत्व को ऊर्जा क्षेत्र में दक्ष प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञता और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

एनएचपीसी से जुड़ने से पहले भी उनका करियर कई ऐतिहासिक जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की 1,500 मेगावाट नाथपा-झाकड़ी जलविद्युत परियोजना, भूटान की 1,020 मेगावाट ताला जलविद्युत परियोजना, उत्तराखंड की नैटवार-मोरी परियोजना तथा हिमाचल प्रदेश की सुन्नी जलविद्युत परियोजना सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के विकास और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ‘हाइड्रो विभूषण’ सम्मान केवल संजय कुमार सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के जलविद्युत क्षेत्र में तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और सतत ऊर्जा विकास के प्रति समर्पित नेतृत्व की भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है। यह सम्मान ऐसे समय में मिला है, जब देश स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा जलविद्युत परियोजनाएं इस परिवर्तन की महत्वपूर्ण धुरी बनकर उभर रही हैं।

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