नई दिल्ली। हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की एक अदालत ने छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। यह मामला जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट से जुड़ा है।
भारद्वाज को इससे पहले बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उन पर आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की।
मामले ने उस समय व्यापक आक्रोश पैदा किया था, जब एक इंटरव्यू में भारद्वाज ने कथित तौर पर पीड़ित के सिर पर हमला करने और उसकी “खोपड़ी फोड़ने” का दावा किया था। इस बयान के सामने आने के बाद घटना को लेकर विवाद और अधिक गहरा गया था तथा भारद्वाज की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे।
अंतरिम जमानत पर सुनवाई के दौरान अदालत की कार्यवाही बंद कमरे में हुई। सुनवाई के दौरान मीडिया कर्मियों को अदालत कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा गया। इसके बाद अदालत ने भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम राहत प्रदान की।
मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, राजनीतिक टकराव और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज है। जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है।
अदालत द्वारा अंतरिम जमानत दिया जाना मामले में आरोपों की पुष्टि नहीं है। कथित हमले से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

