ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से सिविल अस्पताल जालंधर में तीन मरीजों की दर्दनाक मौत, जांच के आदेश

Date:

Share post:

जालंधर सिविल अस्पताल में रविवार देर शाम लापरवाही और तकनीकी गड़बड़ी ने तीन मरीजों की जान ले ली। ट्रॉमा वार्ड में भर्ती मरीजों को अचानक ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई, जिसके कारण उनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में सांप के काटे जाने से उपचाराधीन एक महिला, ड्रग ओवरडोज का एक मरीज और एक टीबी का मरीज शामिल है। इस घटना ने न केवल मरीजों के परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया बल्कि पूरे अस्पताल तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सिविल अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉ. राज कुमार और सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. विनय आनंद तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऑक्सीजन प्लांट नंबर-2 के कंप्रेसर में तकनीकी खराबी आ गई थी। वहीं, दूसरा प्लांट जो बंद था, उसे चालू करने की कोई व्यवस्था समय रहते नहीं की जा सकी। यह चूक अस्पताल प्रशासन की ओर से घोर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि दूसरी यूनिट को सक्रिय न किया जाना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ के समान है।

डॉ. राज कुमार ने बताया कि इस गंभीर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही अस्पताल प्रशासन को सौंपेगी। उन्होंने माना कि इस प्रकार की घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे भविष्य में अस्पताल की ऑक्सीजन व्यवस्था की समीक्षा और निगरानी की आवश्यकता को बल मिलता है।

रात के समय प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह स्वयं अस्पताल पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने मामले को अत्यंत गंभीर बताया और स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह त्रासदी इस बात की चेतावनी है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है। अस्पतालों में ऑक्सीजन जैसी जीवन रक्षक सुविधाओं की सुनिश्चित उपलब्धता और समय पर निगरानी की व्यवस्था अब और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता है।

यह एक ऑटो वेब-जनरेटेड न्यूज़ वेब स्टोरी है।
#JalandharHospitalTragedy #OxygenPlantFailure #PunjabHealthCrisis #PatientNegligence #HealthcareReform #MedicalAccountability #JalandharCivilHospital #DrBalbirSingh #PunjabHealthNews

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Growing Drug Menace in Himachal Sparks Concern as Government Intensifies Crackdown and Rehabilitation Efforts

Himachal Pradesh is facing an escalating challenge in the form of rising drug abuse, a trend that has...

हरियाणा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रणबीर सिंह सांगवान सेवानिवृत्त, गरिमामयी समारोह में दी गई विदाई

चंडीगढ़, 30 मार्च — हरियाणा सरकार के सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग में लंबे समय तक महत्वपूर्ण सेवाएं...

हिसार के आईएमसी प्रोजैक्ट में आई तेजी, देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की राह पर हरियाणा 

हिसार में विकसित किए जा रही इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना के दम पर हरियाणा देश का प्रमुख...

हरियाणा में रेल कनैक्टिविटी का नया दौर,एचओआरसी टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा,कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार

हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने...