पेपरलेस रजिस्ट्री की सफलता के बाद, हरियाणा मार्च के आखिर तक फरीदाबाद से फेसलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पायलट प्रोजेक्ट करेगा शुरू

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प्रदेश में पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को सफलतापूर्वक लागू करने के बाद हरियाणा सरकार अब भूमि प्रशासन व्यवस्था में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। हरियाणा की वित्त आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में ‘फेसलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ का पायलट प्रोजेक्ट फरीदाबाद से मार्च माह के अंत तक शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद पायलट प्रोजेक्ट राज्य का पूरी तरह से डिजिटल, फेसलेस और नागरिक-केंद्रित प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम है, जिसका मकसद पारदर्शिता को और बढ़ाना, फिजिकल इंटरफेस को कम करना और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाना है। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पहल एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस सुधार है जो नागरिकों के भूमि प्रशासन प्रणाली के साथ बातचीत करने के तरीके को बदल देगा।

तीन माह तक चलेगा पायलट प्रोजेक्ट, कड़ी निगरानी रखी जाएगी

डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट फरीदाबाद जिले की एक तहसील में तीन महीने के लिए लागू किया जाएगा। इस अवधि में इसकी कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की जाएगी और परिणामों के आधार पर अन्य जिलों में विस्तार का निर्णय लिया जाएगा। नई प्रणाली के माध्यम से पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल किया जाएगा, जिससे तेज प्रोसेसिंग, बेहतर दक्षता और मानवीय हस्तक्षेप में कमी आएगी। इससे संपत्ति लेन-देन अधिक पारदर्शी और परेशानी मुक्त बन सकेगा।

भारत सरकार के MeitY क्लाउड पर सुरक्षित होस्टिंग

डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह फेसलेस सिस्टम भारत सरकार के MeitY क्लाउड पर सुरक्षित रूप से होस्ट किया जाएगा, जिससे उच्च स्तर की डेटा सुरक्षा, स्केलेबिलिटी और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि सभी अप्रूव्ड फीचर्स और फंक्शनैलिटीज को पायलट फेज़ के दौरान डिप्लॉय किया जाएगा, जबकि कुछ नॉन-क्रिटिकल फीचर्स को यूज़र फीडबैक और ऑपरेशनल ज़रूरतों के आधार पर बाद में शामिल किया जा सकता है।

परियोजना के सुचारू संचालन के लिए राजस्व विभाग एवं कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

तकनीकी सहायता और समयबद्ध क्रियान्वयन

उन्होंने बताया कि तकनीकी कार्य पूरा होने और यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) के बाद तीन माह का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। सर्वर होस्टिंग सपोर्ट रेवेन्यू डिपार्टमेंट की IT टीम द्वारा दिया जाएगा, जो इन-हाउस टेक्निकल एक्सपर्टाइज्ड का इस्तेमाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि होस्टिंग के अलावा सरकार द्वारा लागू करने वाली एजेंसी को कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी, जिससे क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखते हुए लागत प्रभावी तरीके से काम पूरा हो सके।

पारदर्शिता और जनता के भरोसे को मजबूत करना

डॉ. मिश्रा ने इस पहल को एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस सुधार बताते हुए कहा कि फेसलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम से पारदर्शिता और बढ़ेगी, प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में लोगों का भरोसा बढ़ेगा। आमने-सामने की बातचीत खत्म होने से भ्रष्टाचार के मौके कम होंगे और यह सुनिश्चित होगा कि सभी नागरिकों को समान रूप से सेवाएं मिलें। नागरिकों को तेज़ प्रोसेसिंग टाइम, कम डॉक्यूमेंटेशन की ज़रूरत और घर बैठे आराम से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पूरा करने की सुविधा का फायदा मिलेगा। यह डिजिटल सिस्टम एक पूरा ऑडिट ट्रेल भी बनाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया ज़्यादा जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।

उन्होंने बताया कि फरीदाबाद पायलट के अनुभव और फीडबैक के आधार पर इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से पूरे हरियाणा में लागू किया जाएगा, जिससे प्रदेश में तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक हितैषी शासन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

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