हरियाणा ने 1.89 लाख मुफ्त डायलिसिस सेशन उपलब्ध कराए

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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों, जिनमें PGIMS रोहतक भी शामिल है, ने वर्ष 2025–26 के दौरान क्रोनिक किडनी रोग (CKD) से पीड़ित मरीजों को लगभग 1.89 लाख मुफ्त डायलिसिस सेशन उपलब्ध कराए। इसके साथ ही, PGIMS रोहतक के नेफ्रोलॉजी विभाग ने फरवरी 2023 से अप्रैल 2026 के बीच किए गए 34 किडनी प्रत्यारोपणों में 100% सफलता-दर हासिल की है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 2023 में शुरू किया गया यह कार्यक्रम लगातार प्रगति कर रहा है। प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत दो सफल कैडेवरिक (मृत शरीर से) प्रत्यारोपणों के साथ हुई थी और तब से इसका लगातार विस्तार हुआ है।  इनमें वर्ष  2024 में 10, वर्ष 2025 में 17, और वर्ष 2026 में अब तक 4 प्रत्यारोपण पूरे हो चुके हैं, जो विभाग की बढ़ी हुई क्षमता और जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जहां शुरुआती प्रक्रियाओं में कैडेवरिक दान शामिल थे, वहीं हाल के रुझान जीवित दाताओं से होने वाले प्रत्यारोपणों में वृद्धि का संकेत देते हैं, जो बढ़ती जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को उजागर करता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत, राज्य सरकार पूरे हरियाणा में CKD मरीजों को मुफ्त डायलिसिस सेवाएं, आवश्यक दवाएं और नैदानिक सहायता प्रदान कर रही है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि डायलिसिस की सुविधाएं PGIMS रोहतक और सभी जिला अस्पतालों में चालू हैं। अकेले वर्ष 2025–26 के दौरान, PGIMS रोहतक में 20,466 डायलिसिस सेशन  आयोजित किए गए, जहां मरीजों को मुफ्त परामर्श और निरंतर देखभाल भी मिलती है। पिछले वर्ष संस्थान में लगभग 400–500 नए CKD मरीज पंजीकृत हुए थे।

वर्तमान में, लगभग 125 मरीज डायलिसिस पर हैं और किडनी प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए इन सभी मरीजों की आवश्यक जांचें मुफ्त में की जा रही हैं। इस कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से, सरकार ने किडनी प्रत्यारोपण को एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा पहल के रूप में अपनाया है। इसके तहत, दो प्रत्यारोपण सर्जनों को 3.5 लाख रुपये प्रति माह के विशेष मानदेय पर नियुक्त किया गया है, और साथ ही अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, दवाओं तथा व्यापक सहायता प्रणालियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। इसके परिणामस्वरूप, निजी अस्पतालों में आमतौर पर 5–7 लाख रुपये की लागत वाले किडनी ट्रांसप्लांट अब PGIMS रोहतक में हरियाणा के निवासियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिससे उन्नत और जीवन-रक्षक चिकित्सा सुविधा तक उनकी पहुँच में काफी सुधार हुआ है।

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