“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के जरिए हरियाणा में सांस्कृतिक चेतना का व्यापक आयोजन, 11 मई को प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम

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हरियाणा सरकार 11 मई 2026 को पूरे प्रदेश में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अखंड आस्था” का आयोजन करने जा रही है, जो न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और आत्मसम्मान की सामूहिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में अपनी जड़ों से जुड़ने और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने की चर्चा तेज है।

इस राज्यव्यापी आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन सभ्यता, आस्था और उन ऐतिहासिक संघर्षों से परिचित कराना है, जिन्होंने समय-समय पर इस विरासत को जीवित रखा। विशेष रूप से सोमनाथ मंदिर के इतिहास को केंद्र में रखते हुए यह कार्यक्रम उस अटूट आस्था और पुनर्निर्माण की भावना को रेखांकित करता है, जो भारतीय समाज की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक रही है।

प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि विभिन्न जिलों में केंद्रीय और राज्य स्तर के मंत्री, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे। इससे आयोजन को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक महत्व मिल रहा है।

नूंह में राव इंद्रजीत सिंह, फरीदाबाद में कृष्णपाल गुर्जर, अंबाला में अनिल विज, और गुरुग्राम में राव नरबीर सिंह जैसे वरिष्ठ नेता कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसी तरह अन्य जिलों में भी राज्य सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जिससे यह आयोजन एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और पहचान के तत्व जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक स्मृति को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में साझा मूल्यों और परंपराओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।

इस आयोजन में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार इसे केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जनसहभागिता के माध्यम से एक व्यापक सांस्कृतिक अभियान के रूप में स्थापित करना चाहती है।

“सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के माध्यम से हरियाणा सरकार एक ऐसा मंच तैयार कर रही है, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक समाज के बीच संवाद स्थापित हो सके। यह आयोजन इस बात का भी प्रतीक है कि बदलते समय में भी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और ऐतिहासिक चेतना को संरक्षित रखना समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

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